Assam Flood: असम में लगातार हुई भारी बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिलों में चराइदेव और शिवसागर शामिल हैं। चराइदेव जिले के तीन राजस्व सर्किलों के 152 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जहां करीब 1.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इस जिले में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति लापता है। वहीं, शिवसागर जिले के पांच राजस्व सर्किलों के 333 गांवों में बाढ़ का असर पड़ा है। यहां लगभग 5.30 लाख लोग प्रभावित हैं। जिले में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (फाइल फोटो- ANI)
47 की मौत, 8 लापता
मुख्यमंत्री के अनुसार, पूरे असम में अब तक 77 रेवेन्यू सर्किल बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्यभर में 47 लोगों की मौत हो चुकी है और आठ लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि चराइदेव जिले के सभी बाढ़ प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री पहुंचा दी गई है। हालांकि, शिवसागर के नजीरा क्षेत्र में अब भी लगभग 30 प्रतिशत प्रभावित इलाकों तक राहत दल नहीं पहुंच सके हैं। इसकी वजह कई स्थानों पर जमा मोटी गाद और क्षतिग्रस्त रास्ते हैं, जबकि कई जगहों पर बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के करीब 20 प्रतिशत प्रभावित क्षेत्रों तक अभी भी पहुंचना संभव नहीं हो पाया है और वहां की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्री बिमल बोरा और सुशांत बोरगोहेन मौके पर डेरा डाले हुए हैं, जबकि मंत्री केशव महंत भी शुक्रवार शाम प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे।
सड़कों को जल्द चालू कराने के लिए सेना की मदद
सरकार ने चराइदेव और शिवसागर जिलों में राहत सामग्री भेजने के साथ-साथ माजुली, लखीमपुर और धेमाजी से नावें मंगाकर प्रभावित इलाकों में तैनात की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों को जल्द चालू कराने के लिए सेना की मदद भी ली जाएगी। इसके लिए वह भारतीय सेना और वायुसेना के पूर्वी कमान के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार राज्य से स्थिति की जानकारी ले रही है। 25 जुलाई को केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम असम पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। इससे पहले यह केंद्रीय टीम धेमाजी और लखीमपुर जिलों का दौरा कर चुकी है।
बीमारियों के फैलाव को रोकने पर भी खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों के फैलाव को रोकने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कृषि, पशुपालन और स्वास्थ्य मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिन बाद चराइदेव, शिवसागर, गोलाघाट और जोरहाट जिलों का दौरा कर नुकसान का विस्तृत आकलन करें, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की बाढ़ का मुख्य कारण राज्य में हुई अत्यधिक वर्षा है, जिसने कई जिलों में हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
