Sonam Wangchuk: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाए जाने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने शनिवार को एक बयान जारी कर सरकार के इस रवैए की तुलना ब्रिटिश शासन से कर दी।
सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर अरविंद केजरीवाल ने जताई नाराजगी। PTI/ Arvind Kejriwal X handle
अरविंद केजरीवाल ने सुबह सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा, "जब मैं आज सुबह उठा, तो मुझे पता चला कि सोनम वांगचुक को बेहद अनुचित तरीके से वहां से हटा दिया गया है। उनके भूख हड़ताल को तोड़ने की कोशिशें की गईं।" उन्होंने आगे केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन में कई लंबे उपवास और अनशन किए, लेकिन ब्रिटिश हुकूमत ने भी उनके साथ कभी इस तरह का बर्ताव नहीं किया था जैसा आज लोकतांत्रिक भारत में हो रहा है।
पीएम मोदी से सीधा सवाल
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल पूछते हुए कहा, "मैं मोदी जी से पूछना चाहता हूं। ये युवा आखिर क्या मांग रहे हैं? वे हमारे देश के बच्चे हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल गलत है।" उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्र और सोनम वांगचुक देश में सिर्फ एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक का खात्मा और एक मजबूत परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
'मुद्दे सुलझाने के बजाय आंदोलन को बदनाम करने में जुटी सरकार'
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय पूरी तरह से इस आंदोलन को कुचलने में लगी है। उन्होंने कहा, "युवाओं की जायज मांगों को पूरा करने और परीक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के बजाय, सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कैसे इस आंदोलन को विफल किया जाए, कैसे इसे बदनाम किया जाए और कैसे इन लोगों को अपमानित किया जाए।"
सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के बाद से ही दिल्ली की सियासत गरमा गई है। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने नीट (NEET) परीक्षा धांधली के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से सड़क तक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
