Arvind Kejriwal E20 Protest: राजधानी दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बाहर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के विरोध में एक बड़ा 'नेशनल टाउनहॉल' कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार की एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इसे बिना किसी ठोस वैज्ञानिक अध्ययन के जनता पर जबरन थोपा जा रहा है।
E20 पेट्रोल पर सियासत तेज
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस नीति के कारण आम लोगों की गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और उनका माइलेज भी काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालय इस नीति पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जिससे साफ होता है कि सरकार खुद इस फैसले को लेकर आश्वस्त नहीं है।
2 लाख से अधिक लोगों ने किए दस्तखत
टाउनहॉल में केजरीवाल ने बताया कि E20 नीति के खिलाफ शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर 2 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वह आने वाले मंगलवार, 4 तारीख को दोपहर 12 बजे इन सभी हस्ताक्षरों के प्रिंटआउट लेकर सीधे प्रधानमंत्री आवास जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि वह अपने साथ ऐसे 100 निडर लोगों को लेकर चलेंगे जो पुलिस के लाठीचार्ज या जेल जाने से नहीं डरते, ताकि आम जनता की आवाज सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जा सके।
जनता को मिले शुद्ध पेट्रोल चुनने का विकल्प
कार्यक्रम में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी केजरीवाल का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे शुद्ध पेट्रोल चुनना चाहते हैं या एथेनॉल मिला हुआ fuel। ग्राहक पर कोई भी नीति जबरदस्ती नहीं थोपी जानी चाहिए।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आरोपों को नकारा
दूसरी तरफ, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल को 25 साल के लंबे अध्ययन, परीक्षण और वैज्ञानिक जांच के बाद ही लागू किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जब करीब 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की जांच की गई, तो उसमें ऐसी गाड़ियों के इंजन में भी एथेनॉल के कारण कोई खराबी नहीं पाई गई जो E20 फ्रेंडली नहीं थीं। सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने की बात केवल एक अफवाह है।
