अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना (SUMP) को लेकर जारी तनाव के बीच राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घटनाओं पर चिंता जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रदर्शन कानून के दायरे में होने चाहिए। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कानून-व्यवस्था बिगाड़ना स्वीकार्य नहीं है।
CM खांडू ने की शांति की अपील
BJP प्रदेश अध्यक्ष समेत तीन नेताओं के आवासों पर तोड़फोड़
गौरतलब है कि शुक्रवार को विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में शुक्रवार रात प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक NHPC कार्यालय और पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने राज्य BJP अध्यक्ष और पूर्व विधायक कलिंग मोयोंग के आवास में तोड़फोड़ की। साथ ही पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के घर को भी निशाना बनाया गया। वहीं, विधायक ओनी पन्यांग के आवास में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की खबरें सामने आई हैं।अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित तौर पर पथराव किए जाने से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के दौरान NHPC के कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया।
बंद खत्म होने के बाद बिगड़े हालात
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में परियोजना के विरोध में शुक्रवार को 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही, लेकिन इसके समाप्त होने के बाद पासीघाट में हिंसा भड़क उठी। बयान के अनुसार, हिंसक घटनाएं शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे तक जारी रहीं। मुख्यमंत्री ने आगजनी, तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की।
पासीघाट, मेबो और रुक्सिन में प्रतिबंध लागू
हिंसा की आशंका को देखते हुए पूर्वी सियांग जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश शनिवार शाम पांच बजे से लागू हुआ और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट जयंती पर्टिन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पासीघाट, मेबो और रुक्सिन में एक स्थान पर पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हिंसा, धमकी और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।आदेश में आग्नेयास्त्रों और गोला-बारूद के साथ-साथ दाओ, धनुष-बाण, खंजर, चाकू, कुल्हाड़ी और लाठी जैसे हथियार ले जाने पर भी रोक है। कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मियों को उनके अधिकृत हथियारों के इस्तेमाल के मामले में छूट दी गई है। प्रशासन ने जुलूस, रैली, मार्च और सभाओं के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति और लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य किया है।
परियोजना पर बातचीत के लिए तैयार सरकार: खांडू
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि राज्य सरकार सियांग परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों और संगठनों की चिंताओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत में परियोजना के संभावित लाभ, उससे होने वाले नुकसान और स्थानीय समुदायों की आशंकाओं पर विस्तार से विचार किया जा सकता है। सीएम खांडू ने कहा कि सरकार ने पहले भी संबंधित पक्षों को बैठकों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने संगठनों से अपील की कि वे इन अवसरों का इस्तेमाल अपनी बात रखने और सवालों के जवाब पाने के लिए करें।
मुख्यमंत्री ने सियांग क्षेत्र के संगठनों के प्रतिनिधियों को ईटानगर या पासीघाट में बैठक का प्रस्ताव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रतिनिधि किसी अन्य स्थान पर चर्चा करना चाहते हैं, तो वह संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वहां जाने के लिए तैयार हैं।
जनसहमति को बताया अहम
इस दौरान सीएम खांडू ने दोहराया कि परियोजना पर आगे बढ़ने में जनसहमति महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों से गोलमेज बैठक में हिस्सा लेने का आग्रह किया, ताकि उनकी आशंकाओं पर चर्चा हो सके और परियोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतभेदों का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए। ऐसे कदमों से बचना चाहिए जिनसे लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
