Rashtravad : आज राष्ट्रवाद में बात क्या आम आदमी पार्टी का एजेंडा हिंदू विरोधी है। आखिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की ऐसी क्या मजबूरी है कि जो हिंदू धर्म से नफरता करता है उससे वो दूरी नहीं बना पाते। आप नेताओं राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) और गोपाल इटालिया (Gopal Italia) के हिंदू विरोधी बयानों के बाद डैमेज कंट्रोल के तौर पर केजरीवाल ( Rashtravad) ने गुजरात-हिमाचल प्रदेश चुनाव और दिल्ली के एमसीडी चुनाव से पहले हिंदू राग अलाप दिया। देश की करेंसी पर लक्ष्मी और गणेश जी की तस्वीर की बात कही लेकिन जब स्टार कैंपेनर की लिस्ट आई तो लोग अचंभित हो गए।
दिल्ली के एमसीडी चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट में राजेंद्र पाल गौतम का भी नाम नजर आया। ये वही राजेंद्र पाल गौतम हैं जिन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ ली थी, हालांकि इसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। तो सवाल तो है कि एंटी हिंदू बयान पर मंत्रिमंडल से बाहर तो एमसीडी के चुनाव में स्टार प्रचारक क्यों?
एंटी हिंदू बयान पर इनाम देने की बात गुजरात में भी नज़र आई। यहां भी जब आम आदमी पार्टी के स्टार कैंपेनर की लिस्ट आई तो इस लिस्ट में गोपाल इटालिया का भी नाम शुमार था। आपको बता दें कि गुजरात में चुनाव की घोषणा से पहले इटालिया का एक बयान आया था। जिसमें उन्होंने मंदिरों को महिलाओं का शोषण करने वाला अड्डा बता दिया था तो यहां भी सवाल है कि हिंदू भावनाओं को आहत करने वाले इटालिया को स्टार कैंपेनर बनाकर आप किसे खुश करना चाहती है।
तो आपने देखा कि कैसे एंटी हिंदू बयानों के बावजूद आप ने नेताओं को आगामी चुनाव में प्रचार की बड़ी ज़िम्मेदारी दी। दिल्ली नगर निगम चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी की लिस्ट में इन दोनों नेताओं का नाम है। जिसके बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा प्रहार किया है। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को हिंदू विरोधी बताया है।
ऐसे में आज के सवाल हैं...
क्या एंटी हिंदू नेता केजरीवाल की मजबूरी हैं?
क्या राजेंद्र गौतम को हिंदू अस्मिता पर हमले का इनाम मिला ?
एंटी हिंदू नेता को स्टार कैंपेनर क्यों बनाया?
एंटी हिंदू नेताओं के जरिए किस वोट बैंक को खुश करना चाहते हैं ?
क्या केजरीवाल की कथनी और करनी में फर्क है?
