भगोड़े अमृतपाल सिंह के आईएसआई (ISI) कनेक्शन को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। खालिस्तानी टूलकिट के बाद अब आईएसआई एजेंट्स अमृतपाल सिंह को बचाने में जुट गए हैं। ये एजेंट सैकड़ों फर्जी ट्विटर अकाउंट्स पर फेक न्यूज फैलाकर भारत में अशांति और हिंसा भड़काने की साजिश में जुटे हैं।
अमृतपाल सिंह के ISI कनेक्शन का खुलासा
आईएसआई अमृतपाल सिंह के नाम पर दुनिया भर के सिख संगठनों को बरगलाने की कोशिश कर रहा है। खालिस्तानी टूलकिट, आईएसआई और @theJagmeetSingh और @TimUppal जैसे खालिस्तानी हमदर्द इसे नागरिक स्वतंत्रता पर हमले के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कई अकाउंट्स रोक दिए गए हैं। जहां पुलिस की कार्रवाई जोरों पर है, वहीं प्रचार करने वाले 'फर्जी खबरों' के जरिए सिखों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा के कई अकाउंट्स ने पंजाब को अस्थिर करने के लिए गुरुद्वारों और भारतीय सशस्त्र बलों के बारे में फर्जी खबरें पोस्ट की हैं।
अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस के प्रकोप से बचाने के लिए आईएसआई एजेंट भी आगे आए हैं। आईएसआई ऑपरेटिव पीटर फ्रेडरिक और पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीजेएफ) के संस्थापक धालीवाल भगोड़े खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को लेकर दुष्प्रचार चला रहे हैं। अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में बहुत सारी गलत सूचनाएं और प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इतना ही नहीं 2020 के बाद बने कई अकाउंट्स यानी किसान प्रदर्शन से जुड़े #WeStandWithAmritpalSingh #freeamritpalsingh #PunjabUnderSiege जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
खास बात यह है कि पिछले 5 दिनों में इन फेक ट्विटर अकाउंट्स पर सबसे ज्यादा भ्रामक खबरें फैलाई गई हैं। इस टूलकिट के जरिए कनाडा, लंदन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लाखों सिखों को झूठी और भ्रामक खबरें देकर अमृतपाल सिंह के लिए हमदर्दी बटोरने की कोशिश की जा रही है। भारत के अंदर भी तमाम फेक टि्वटर अकाउंट के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है। पंजाब और उत्तराखंड जैसे तमाम ऐसे प्रदेशों में साजिशकर्ताओं का सबसे ज्यादा फोकस है जहां सिख समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं ताकि भारत में अस्थिरता और अशांति फैला कर माहौल खराब किया जा सके।
कानून व्यवस्था को लेकर देशभर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, लगातार अमृतपाल की तलाश की जा रही है और उससे जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर आईएसआई और खालिस्तानी गुर्गों के इस नेटवर्क पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी कार्रवाई में पिछले तीन दिनों में दर्जनों ट्विटर अकाउंट्स को सस्पेंड और रोक दिया गया है।
