गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर लेह जाएंगे। यहां वे बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में शामिल होगें। गृहमंत्री शाह ने अपनी यात्रा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी किया। गौरतलब है कि यह आयोजन भारत में पहली बार हो रहा है।
Amit Shah
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु इस प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे और श्रद्धा अर्पित करेंगे।
विशेष विमान से लेह पहुंचे पवित्र अवशेष
शाह की यात्रा से पहले आज भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेष भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से लेह पहुंचाए गए। इन अवशेषों के साथ ड्रुकपा थुकसे रिनपोछे और माथो मठ के खेनपो थिनलास चोसल भी मौजूद थे। लेह पहुंचने पर इन अवशेषों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों के किनारे खड़े हुए और श्रद्धा के साथ अवशेषों का स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखा गया।
क्या हैं पिपरहवा अवशेष?
भगवान बुद्ध के अवशेष पिपरहवा में मिले थे,जो उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। माना जाता है कि ये अवशेष गौतम बुद्ध से जुड़े पवित्र अवशेष और उनसे संबंधित वस्तुएं हैं। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए इनका अत्यंत धार्मिक महत्व है।
लेह और जांस्कर में दर्शन का कार्यक्रम
इन पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी पहले थाईलैंड, मंगोलिया, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, भूटान, श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों में लगाई जा चुकी है। अब भारत में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। प्रशासन के अनुसार ये अवशेष 2 मई से 10 मई तक जीवेत्सल, लेह में आम लोगों के दर्शन के लिए रखे जाएंगे। इसके बाद 11 और 12 मई को जांस्कर ले जाया जाएगा। फिर 13 और 14 मई को धर्मा सेंटर,लेह में प्रदर्शनी लगेगी। 15 मई को इन्हें दिल्ली वापस भेजा जाएगा।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या में आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में सफाई अभियान, पौधारोपण, फूलों की सजावट और सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आने वाले लोगों को बेहतर और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके।
