Gita Press: गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देने के कांग्रेस के विरोध के बीच अमित शाह का आया ये बयान

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 19, 2023, 04:19 PM IST

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने पर सियासी विवाद के बीच अमित शाह ने ट्वीट कर गीता प्रेस के योगदान के बारे में बताया है।

Gita Press: गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देने के फैसले पर सियासी गदर मचा हुआ है। इस फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया है। कांग्रेस के विरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह का अहम बयान सामने आया है। अमित शाह ने ट्वीट कर गीता प्रेस के योगदान के बारे में बताया है। अमित शाह ने ट्वीट किया- भारत की गौरवशाली प्राचीन सनातन संस्कृति और शास्त्रों को आज अगर आसानी से पढ़ा जा सकता है, तो यह गीता प्रेस के अतुलनीय योगदान के कारण है... गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार 2021 प्रदान करना उसके द्वारा किए जा रहे कार्यों का सम्मान है।

जयराम रमेश ने बताया उपहास

गीता प्रेस को यह पुरस्कार अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस ने गीता प्रेस को पुरस्कार दिए जाने की आलोचना की और इसे उपहास बताया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार, गोरखपुर के गीता प्रेस को प्रदान किया जा रहा है, जो इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। रमेश ने गीता प्रेस को यह पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद एक ट्वीट में कहा था, यह फैसला वास्तव में एक उपहास है और सावरकर तथा गोडसे को पुरस्कार देने जैसा है।

गीता प्रेस की शुरुआत वर्ष 1923 में हुई थी और वह दुनिया के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक है, जिसने 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित की हैं। इनमें श्रीमद्‍भगवद्‍गीता की 16.21 करोड़ प्रतियां भी शामिल हैं। गांधी शांति पुरस्कार एक वार्षिक पुरस्कार है, जिसकी शुरुआत सरकार ने 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर गांधी द्वारा प्रतिपादित आदर्शों को सम्मान देते हुए की थी।

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