केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज टाइम्स नाउ समिट 2026 में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट के भारत पर असर और उससे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों, नक्सलवाद, एसआईआर और महिला आरक्षण पर भी अपनी राय रखी।
टाइम्स नाउ समिट में अमित शाह।
टाइम्स नाउ समिट में अमित शाह ने महिला आरक्षण पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि 2029 के चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराए जाएं,लेकिन विपक्ष इस प्रक्रिया में देरी कर रहा है ।
महिला आरक्षण पर कांग्रेस से अपील
जब उनसे पूछा गया कि 33% महिला आरक्षण की भी बात शुरू हो गई है। आपने कहा था कि 2029 तक आप इसे लागू कर देंगे। अभी जबकि परिसीमन बाकी है तो क्या ये बिल पास हो पाएगा, आपको लगता है कि ये असल में हो पाएगा? इस पर अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग पर बनाने के लिए हम हर विपक्षी दल से बात कर रहे हैं। हम इसके लिए हर रोज प्रयास कर रहे हैं। कई राजनीतिक दलों ने इस पर अपनी सहमति दे दी है। लेकिन कांग्रेस इस पर नहीं मान रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वे एक मई के बाद इस पर चर्चा करेंगे। मुझे इसका कारण समझ नहीं आता। हम उनको समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि अगर मई में चर्चा करोगे तो डिलिमिटेशन कमीशन की बड़ी एक्सरसाइज होती है। हर विधानसभा में इसकी एक पब्लिक हियरिंग देना होता है, हर राजनीतिक दल के साथ इसकी चर्चा करनी होती है, हर राज्य के साथ चर्चा करना होता है। लेकिन जब डिलिमिटेशन होगा ही नहीं तो हम महिला आरक्षण ही नहीं दे पाएंगे। विपक्ष के मन में क्या है ये मुझे नहीं पता। लेकिन हम चाहते हैं कि 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ हो। हमारी देश की महिला शक्ति को विधायी संस्थाओं में पहुंचने का मौका मिले, उन्हें 33 फीसदी आरक्षण मिले। मैं तो खरगे जी से और राहुल जी से अपील करता हूं कि वे आएं और जल्दी से चर्चा करें ताकि इस पर सहमति बन सके और महिलाओं को इसका अधिकार दिया जा सके।
पंजाब में ड्रग्स समस्या पर बयान
इस दौरान उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त पंजाब कोई चुनावी मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश का संकल्प है और केंद्र की सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है।
ईंधन संकट पर क्या बोले गृह मंत्री
ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में हुई पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत पर अपनी बात रखते हुए शाह ने कहा कि हमें देखना होगा कि पूरे विश्व में क्या हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ज्यादातर देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। कई तरह की राशनिंग लागू हुई है। भारत शायद एकमात्र देश है जहां पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि नहीं हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों को घाटा न हो सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। फिलिपींस में आपातकाल घोषित हो गया है। श्रीलंका में आठ लीटर से ज्यादा पेट्रोल नहीं मिल रहा है। बांग्लादेश में बाइक के लिए पेट्रोल निर्धारित हो गया है। पाकिस्तान में हफ्ते में चार दिन ही काम कर रहा है।
