भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। उन्होंने 2,258 दिन पूरे कर देश के सबसे लंबे समय तक कार्यकाल वाले गृह मंत्री बनने का रिकॉर्ड बना लिया है, जो अब तक भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के नाम था (2,256 दिन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग संसदीय दल की बैठक में इस उपलब्धि के लिए शाह की सराहना करते हुए उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा को नई दिशा देने वाला नेता बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो- amitshahofficial)
शाह का कार्यकाल
शाह का कार्यकाल केवल लंबा ही नहीं, बल्कि बेहद प्रभावशाली और ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाकर देश की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव किया। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर प्रतिबंध लगाया और कई नेताओं को जेल भेजा।
कार्यकाल में हुए कई बदलाव
उनके कार्यकाल में आपराधिक कानूनों में भी ऐतिहासिक बदलाव हुए। भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को हटाकर तीन नए कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभाव में आ गए हैं।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में भी शाह ने निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या को खत्म करने का लक्ष्य तय किया है और अब तक कई क्षेत्र माओवादी प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में 12 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर कराकर 10,000 से अधिक उग्रवादियों को आत्मसमर्पण कराने में सफलता पाई है।नारकोटिक्स के खिलाफ अभियान
शाह के नेतृत्व में नारकोटिक्स के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें 10 लाख किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 12,000 करोड़ रुपये आंकी गई।
नागरिकता संशोधन अधिनियम
विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भी उनके कार्यकाल की एक बड़ी पहल रही, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया।
भाजपा के मजबूत स्तंभ
राजनीतिक दृष्टि से भी अमित शाह भाजपा की मजबूती का स्तंभ रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 2019 में भाजपा को 300 से अधिक सीटें जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2024 में वह पुनः गांधीनगर से लोकसभा चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार केंद्रीय गृह मंत्री बने।
निजी और राजनीतिक पृष्ठभूमि
अमित शाह का जन्म 1964 में मुंबई में हुआ था। वे 16 वर्ष की उम्र में RSS से जुड़ गए और बाद में ABVP की गतिविधियों में सक्रिय हो गए। गुजरात की राजनीति से होते हुए उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। वे 2019 में पहली बार गांधीनगर से सांसद बने और तभी से देश के गृहमंत्री हैं।
