'राजनीतिक रोटियां न सेकें भाजपा-कांग्रेस, सम्मान करें' अंबेडकर विवाद पर बोलीं BSP सुप्रीमो मायावती

Ambedkar Row: कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। बसपा सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए बाबा साहेब अंबेडकर का नाम लेने की जगह इन्हें उनके प्रति उचित सम्मान प्रकट करना चाहिए।

Ambedkar Row: अंबेडकर विवाद पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। बसपा सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए बाबा साहेब अंबेडकर का नाम लेने की जगह इन्हें उनके प्रति उचित सम्मान प्रकट करना चाहिए। X पर अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि 'कांग्रेस व बीजेपी एण्ड कम्पनी के लोगों को बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने की बजाय, इनका पूरा आदर-सम्मान करना चाहिये। इन पार्टियों के लिए इनके जो भी भगवान हैं उनसे पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है।'

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बसपा सुप्रीमो मायावती।

दलितों के भगवान केवल बाबा साहेब-मायावती

अपने एक अन्य ट्वीट में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि 'लेकिन दलितों व अन्य उपेक्षितों के लिए एकमात्र इनके भगवान केवल बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर हैं, जिनकी वजह से ही इन वर्गों को जिस दिन संविधान में कानूनी अधिकार मिले हैं, तो उसी दिन इन वर्गों को सात जन्मों तक का स्वर्ग मिल गया था। अतः कांग्रेस, बीजेपी आदि पार्टियों का दलित व अन्य उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा। इनसे इन वर्गों का सही हित व कल्याण असंभव। इनके कार्य दिखावटी ज्यादा, ठोस जनहितैषी कम। बहुजन समाज व इनके महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को समुचित आदर-सम्मान बीएसपी सरकार में ही मिल पाया।'

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