Ambedkar Row: अंबेडकर विवाद पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। बसपा सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए बाबा साहेब अंबेडकर का नाम लेने की जगह इन्हें उनके प्रति उचित सम्मान प्रकट करना चाहिए। X पर अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि 'कांग्रेस व बीजेपी एण्ड कम्पनी के लोगों को बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने की बजाय, इनका पूरा आदर-सम्मान करना चाहिये। इन पार्टियों के लिए इनके जो भी भगवान हैं उनसे पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है।'
बसपा सुप्रीमो मायावती।
दलितों के भगवान केवल बाबा साहेब-मायावती
अपने एक अन्य ट्वीट में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि 'लेकिन दलितों व अन्य उपेक्षितों के लिए एकमात्र इनके भगवान केवल बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर हैं, जिनकी वजह से ही इन वर्गों को जिस दिन संविधान में कानूनी अधिकार मिले हैं, तो उसी दिन इन वर्गों को सात जन्मों तक का स्वर्ग मिल गया था। अतः कांग्रेस, बीजेपी आदि पार्टियों का दलित व अन्य उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा। इनसे इन वर्गों का सही हित व कल्याण असंभव। इनके कार्य दिखावटी ज्यादा, ठोस जनहितैषी कम। बहुजन समाज व इनके महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को समुचित आदर-सम्मान बीएसपी सरकार में ही मिल पाया।'
टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा विपक्ष-रीजीजू
मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं , ‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर...। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने अमित शाह की टिप्पणी को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष गृह मंत्री की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।
शाह पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप
राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘भाजपा और उनके नेता शुरू से ही कह रहे थे कि हम संविधान बदल देंगे। ये लोग संविधान के खिलाफ हैं। ये लोग अंबेडकर जी और उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं।’उन्होंने दावा किया, ‘उनका एकमात्र काम संविधान और अंबेडकर जी द्वारा किए गए काम को खत्म करना है। यह बात पूरा देश जानता है।’कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया।
