ओडिशा की मेडिकल पोस्टग्रेजुएट परीक्षा में बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि एमडी/एमएस जनरल सर्जरी की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद WhatsApp ग्रुप में शेयर किया गया। इतना ही नहीं, परीक्षा के दौरान कुछ नंबरों से उत्तर भी भेजे जाने की शिकायत मिली है। मामले ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑल ओडिशा मेडिकल पीजी परीक्षा लीक?
ओडिशा की All Odisha Medical PG Examination की 2023–26 बैच की MD/MS General Surgery परीक्षा अब विवादों में घिर गई है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रश्नपत्र एक WhatsApp ग्रुप में वायरल हो गया। आरोप यह भी है कि उसी दौरान कुछ WhatsApp नंबरों से परीक्षार्थियों को उत्तर भेजे जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। WhatsApp ग्रुप बनाने वाले और उससे जुड़े सभी सदस्यों की पहचान की जा रही है। साथ ही, बाकी बची परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शिकायत मिलने के बाद मेडिकल शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने एक वर्चुअल बैठक कर परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की। इस पूरे मामले पर MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चेयरमैन प्रोफेसर हरेकृष्ण दलई ने कहा कि इसे फिलहाल "पेपर लीक" नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षा कक्ष से बाहर भेजा गया था। यदि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचता, तभी उसे वास्तविक "पेपर लीक" माना जाता।
प्रोफेसर दलई ने बताया कि आशंका है कि किसी छात्र ने छिपाकर मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र बाहर भेजा होगा। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर नियमित रूप से तलाशी ली जाती है, लेकिन यदि कोई छात्र सुरक्षा जांच से बचकर मोबाइल अंदर ले गया हो, तो उसी के जरिए प्रश्नपत्र बाहर भेजा गया हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी छात्र या किसी संगठित समूह की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यदि जांच में कोई भी छात्र इस घटना में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारी पूरे मामले की तकनीकी जांच के साथ WhatsApp ग्रुप और संबंधित मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को कैसे भेदा गया? क्या यह सिर्फ एक छात्र की हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।
इस पूरे मामले पर MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चेयरमैन प्रोफेसर हरेकृष्ण दलई ने कहा कि इसे फिलहाल "पेपर लीक" नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षा कक्ष से बाहर भेजा गया था। यदि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचता, तभी उसे वास्तविक "पेपर लीक" माना जाता। प्रोफेसर दलई ने बताया कि आशंका है कि किसी छात्र ने छिपाकर मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र बाहर भेजा होगा। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर नियमित रूप से तलाशी ली जाती है, लेकिन यदि कोई छात्र सुरक्षा जांच से बचकर मोबाइल अंदर ले गया हो, तो उसी के जरिए प्रश्नपत्र बाहर भेजा गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी छात्र या किसी संगठित समूह की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यदि जांच में कोई भी छात्र इस घटना में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
