Beating Retreat ceremony : रायसीना हिल्स के विजय चौक पर सोमवार शाम से सैन्य धुनों की महफिल बिटींग रिट्रीट सज जाएगी। गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन के रूप में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सैन्य बैंड इस बार 'शंखनाद' सहित भारतीय धुन बजाएंगे। इस समारोह के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन हो जाता है। कार्यक्रम में तीन सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और आम जनता शामिल होगी।
बीटिंग रिट्रीट सेरेमना 2024।
सेना के बैंड बजाएंगे 31 सुरीली धुनें
कार्यक्रम में सेना, नौसेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बलों के बैंड 31 सुरीले एवं पराक्रम दर्शाने वाले धुनें बजाएंगे। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर 100 महिलाओं ने शंख से जयघोष किया और पारंपरिक भारतीय वाद्य यंत्र बजाए। राजसीना हिल्स पर कार्यक्रम की शुरुआत 'शंखनाद' धुन से होगी और इसके बाद 'वीर भारत', 'संगम दूर', 'देशों का सरताज भारत', 'भागीरथी' और 'अर्जुन' धुनें बजाई जाएंगी। सीएपीएफ के बैंड ‘भारत के जवान’ और ‘विजय भारत’ बजाएंगे।
भारतीय धुनों का गवाह बनेगी रायसीना हिल्स
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि रायसीना हिल्स ‘पूर्ण रूप से भारतीय धुनों का गवाह बनेगा’ जो 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान बजाया जाएगा। इसके मुताबिक ‘भारतीय थलसेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के संगीत बैंड विशिष्ट दर्शकों के सामने 31 मनमोहक और झूमने को मजबूर करने वाली भारतीय धुन बजाएंगे।’
1950 से चल रही है इस कार्यक्रम की परंपरा
बयान के मुताबिक,‘भारतीय वायुसेना के बैंड ‘टाइगर हिल’, ‘रेजॉइस इन रायसीना’ और ‘स्वदेशी’ के धुन बजाएंगे जबकि भारतीय नौसेना के बैंड के ‘आईएनएस विक्रांत’ ‘मिशन चंद्रयान’, ‘जय भारती’ और ‘हम तैयार हैं’ सहित कई धुनों का श्रोता आनंद लेंगे।’ इसके बाद, भारतीय थलसेना का बैंड ‘फौलाद का जिगर’, ‘अग्निवीर’, ‘कारगिल 1999’ और ‘ताकत वतन’ का सहित कई धुन बजाएगा। 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह की शुरुआत 1950 में तब हुई जब भारतीय थलसेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन के अनूठे समारोह को स्वदेशी तरीके से विकसित किया।
