उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने के एलान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, 'बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते।'
अखिलेश यादव ने अमित शाह पर कसा तंज।
शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने अखिलेश यादव से अमित शाह के यूसीसी संबंधी एलान पर सवाल पूछा। इस पर सपा प्रमुख ने मशहूर फिल्मी गीत की पंक्ति के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। जब एक पत्रकार ने उन्हें टोका कि गाने के मूल बोल में 'मेहरबां' की जगह 'हुजूर' शब्द है, तो अखिलेश ने मुस्कराते हुए कहा, 'सुधारने के लिए धन्यवाद, लेकिन मुझसे हुजूर मत कहलवाइए। मेहरबां ठीक है।'
चुनाव नजदीक आते ही यूसीसी की याद आई?
अखिलेश यादव के इस तंज को भाजपा के यूसीसी एलान के समय पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है। उनका इशारा इस बात की ओर था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा लगातार दो कार्यकाल से सत्ता में है, लेकिन यूसीसी लागू करने की बात अब अगले विधानसभा चुनाव से पहले कही जा रही है।
दरअसल, अमित शाह ने शुक्रवार को लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रदेश में भाजपा की अगली सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश के कई राज्यों में यूसीसी पहले से लागू है। शाह ने इसी बैठक में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि अगले 30 साल तक समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना पाएगी।
सरकारी नौकरी के नए नियमों पर भी योगी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी नौकरियों के लिए संशोधित पात्रता नियमों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में ऐसे संगठनों से जुड़े उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराने का प्रावधान है, जो हिंसक तरीकों से स्थापित सामाजिक व्यवस्था में बदलाव की वकालत करते हैं। इस पर सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग बेरोजगार होने वाले हैं, वही ऐसे कानून बना रहे हैं और फैसले ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी पर भी कसा तंज
अखिलेश यादव ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी यह सवाल पूछा है। वह एक्सप्रेसवे से जाएंगे या बस और ट्रेन में अपनी सीट बुक कराएंगे?"
