Ajit Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में सबकुछ ठीक चल रहा है? क्या सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने से अजित पवार नाराज हैं? क्या शरद पवार पार्टी में उनकी भूमिका को समेटना चाहते हैं? ये सभी सवाल एक बार फिर से खुलकर सामने आ गए हैं। पूरा मामला अजित पवार के हालिया बयान से जुड़ा है।
अजित पवार
दरअसल, अजित पवार ने बुधवार को कहा है कि वह नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं और पार्टी में कोई भूमिका चाहते हैं। अजित पवार ने यह मांग बुधवार को मुंबई में आयोजित राकांपा के 24वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान रखी। अजित पवार के इस बयान ने फिर से अटकलों को जन्म दे दिया है।
अजित पवार ने क्या कहा?
ताजा अटकलों को हवा देने वाली एक टिप्पणी में पवार ने कहा, मुझे बताया गया है कि मैं नेता प्रतिपक्ष के तौर पर सख्त व्यवहार नहीं करता हूं। मुझे नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने में कभी दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन पार्टी विधायकों की मांग पर यह भूमिका स्वीकार की थी। पवार ने कहा कि उनकी मांग पर फैसला करना राकांपा नेतृत्व पर निर्भर है। उन्होंने कहा, "मुझे पार्टी संगठन में कोई भी पद दे दें। मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसके साथ पूरा न्याय करूंगा।
एमवीए सरकार गिरने के बाद बने थे नेता प्रतिपक्ष
पवार ने महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार गिरने के बाद पिछले वर्ष जुलाई में नेता प्रतिपक्ष का पदभार संभाला था। तत्कालीन एमवीए सरकार में वह उपमुख्यमंत्री थे। शिवसेना में विद्रोह के कारण तत्कालीन एमवीए सरकार गिर गयी थी। गौरतलब है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने हाल ही में अपनी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी थी, जबकि दूसरे कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को उन्होंने अन्य राज्यों की जिम्मेदारी दी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि शरद पवार के इस फैसले से अजित पवार खुश नहीं हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)
