राजस्थान कांग्रेस में सियासी पारे को बढ़ाएगा अजय माकन का इस्तीफा, नेतृत्व में बदलाव के लिए बनाएगा दबाव

  • Authored by: रंजीता झा
  • Updated Nov 16, 2022, 01:54 PM IST

Ajay Maken resignation : जयपुर से लेकर दिल्ली तक इस बात की चर्चा होती रही की एक बार फिर अशोक गहलोत दबाव बनाकर अपने लोगों को बचाने में कामयाब रहे। लेकिन अजय माकन के इस्तीफे ने जिन्न को फिर से बोतल से बाहर निकल दिया है।

Ajay Maken : राजस्थान के प्रभारी अजय माकन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माकन ने 8 नवंबर को कांग्रेस के नए अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर राजस्थान में काम नही करने की इच्छा जताई है। माकन ने अपने एक पन्ने के पत्र में काम न करने की जो वजह बताई है उससे एक बार फिर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। दरअसल, अजय माकन ने कहा है कि वह 25 सितंबर के विधायक दल की घटना से आहत हैं और वह इस माहौल में वहां काम नहीं कर सकते। माकन के इस इस्तीफे के पीछे कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान जयपुर में सीएम अशोक गहलोत गुट के विधायकों की लामबंदी एवं बगावती तेवर है।

ajay maken

राजस्थान प्रभारी पद से अजय माकन ने इस्तीफा दे दिया है।

अशोक गहलोत नामांकन भरने वाले थे

गत सितंबर में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जब चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी तो उस समय अशोक गहलोत भी नामांकन करने वाले थे। इसलिए राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन के लिए तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रभारी अजय माकन और वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ऑब्जर्वर बनाकर विधायक दल की बैठक के लिए जयपुर भेजा था। बैठक मुख्यमंत्री निवास पर होना था। लेकिन सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए गहलोत गुट के शांतिधारीवाल, महेंद्र राठौड़ और महेश जोशी ने आलाकमान के खिलाफ बगावत करते हुए विधायकों को बैठक में आने ही नही दिया। ऑब्जर्वर को बिना विधायक दल की बैठक कराए खाली हाथ वापिस लौटना पड़ा।

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