Airlines Issue: बीते वर्षों में देश के एविएशन सेक्टर में तेज विस्तार हुआ है, लेकिन इसके साथ यात्रियों की परेशानियां भी लगातार सामने आती रही हैं। फ्लाइट में देरी, रद्द टिकटों पर रिफंड में विलंब, एयरपोर्ट पर लंबी कतारें, यात्री सुविधाओं की कमी और बैगेज से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से हवाई सफर का हिस्सा बनी हुई थीं। इन समस्याओं ने यह साफ कर दिया कि यात्रियों की शिकायतों के लिए अलग-अलग और अस्थायी व्यवस्थाएं कारगर नहीं हैं।
यात्रियों की शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान निकालने के लिए 2016 में AirSewa प्लेटफॉर्म शुरू किया गया था। वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर और सोशल मीडिया के ज़रिए शिकायतें तो दर्ज होने लगीं, लेकिन मंत्रालय, DGCA, एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई मामलों में समाधान की रफ्तार धीमी रही।
24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम
अब इसी कमी को दूर करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम की शुरुआत की है। दिल्ली स्थित उड़ान भवन में बने इस कंट्रोल रूम में मंत्रालय, DGCA, एयरलाइंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी एक साथ काम कर रहे हैं। यहां उड़ानों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती है, यात्रियों के कॉल अटेंड किए जाते हैं और शिकायतों पर तुरंत संबंधित एजेंसी से संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
AirSewa को भी इस कंट्रोल रूम के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इसका सीधा असर शिकायत निपटारे पर दिखा है। सोशल मीडिया, कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त 13 हजार से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मामलों की लगातार निगरानी और प्राथमिकता तय करने से जवाबदेही बढ़ी है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया से साफ है कि शिकायतों पर कार्रवाई अब ज्यादा तेज़ और प्रभावी हुई है। मंत्रालय का कहना है कि आने वाले समय में इस कंट्रोल रूम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि यात्रियों को समय पर जानकारी, सहायता और समाधान मिल सके और हवाई यात्रा अनुभव बेहतर बनाया जा सके।
