NGT on Air Pollution: वायु प्रदूषण के मसले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने देश के नौ सूबों को कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने इन राज्यों की सरकारों को आदेश दिया है कि वे वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए तत्काल और कड़े कदम उठाएं।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
एनजीटी के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए उठाए गए कदम संतोषजनक और पर्याप्त नहीं हैं। संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे पर पूरी गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है।
एनजीटी ने बताया कि पॉल्यूशन को लेकर तत्काल कार्रवाई करने के उनके तीन नवंबर के निर्देश का राज्यों ने पूरी तरह से पालन नहीं किया है। दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। स्थिति सुधरने के बजाय बद से बदतर हो गई।
एनजीटी की मानें तो सभी एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, मगर धरातल पर परिणाम संतोषजनक नहीं हैं। दिल्ली सरकार ने कहा था कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों-निर्माण और विध्वंस गतिविधियों से उठने वाली धूल, खुले में सूखी पत्तियां और पराली जलाना प्रदूषण के स्रोत हैं।
चिंता जाहिर करते हुए एनजीटी की ओर से कहा गया, "हवा की गुणवत्ता में गिरावट का आम लोगों (विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों) के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।"
नियामक संस्था ने कहा कि प्रदूषण को लेकर संबंधित एजेंसी अपनी रणनीति की समीक्षा करे। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी समाधान निकालने की जरूरत है। ट्रिब्यूनल ने इसके अलावा इन प्रदेशों से इस बाबत 22 नवंबर, 2023 तक लिए गए एक्शन से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
नौ सूबों में किनके-किनके हैं नाम?
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड।
