Asaduddin Owaisi on Ayodhya Ram Mandir: लोकसभा में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीनओवैसी (AIMIM MP Asaduddin Owaisi) ने पूछा 'क्या 22 जनवरी का पैगाम देकर ये सरकार यह बताना चाहती है कि एक मजहब को दूसरे मजहब को मानने वालों पर जीत मिली है? क्या संविधान इसकी इजाजत देता है?'
लोकसभा में ओवैसी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद जिंदाबाद
लोकसभा में ऐतिहासिक राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा शुरू होने पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, 'मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मोदी सरकार किसी खास समुदाय, धर्म की सरकार है या पूरे देश की सरकार है?'
22 जनवरी के माध्यम से, क्या यह सरकार यह संदेश देना चाहती है कि एक धर्म ने दूसरे पर विजय प्राप्त की? आप देश के 17 करोड़ मुसलमानों को क्या संदेश देते हैं? ...क्या मैं बाबर, जिन्ना या औरंगजेब का प्रवक्ता हूं?...मैं भगवान राम का सम्मान करता हूं लेकिन मैं नाथूराम गोडसे से नफरत करता हूं क्योंकि उसने उस व्यक्ति की हत्या की थी जिसके अंतिम शब्द 'हे राम' थे..."
ओवैसी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद जिंदाबाद
ओवैसी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद जिंदाबाद, बाबरी मस्जिद जिंदाबाद... मस्जिद थी, है और रहेगी, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे से पूछा कि वे इस बात का जवाब दे दें कि क्या वे बाबर को आक्रमणकारी मानते हैं या नहीं? इस पर ओवैसी ने उल्टा सवाल पूछते हुए कहा कि 'आप पुष्यमित्र शुंग को क्या मानते हैं? निशिकांत दुबे, असदुद्दीन ओवैसी से आज भी बाबर की बात पूछ रहे हैं। आप मुझसे गांधी के बारे में पूछते, जलियांवाला बाग के बारे में पूछते, मैं अपनी शिनाख्त को नहीं मिटने दूंगा। मैं वो काम नहीं करूंगा, जो भाजपा चाहती है, मैं संविधान के दायरे में रहकर ही काम करूंगा।'
