अहमदाबाद Air India विमान हादसे की पहली बरसी, आज भी आंसुओं में छलक रहा अपनों को खोने का गम, दर्दभरी कहानियां

एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 की दुर्घटना में अपने प्रियजनों को गंवाने वाले कुछ लोग आज भी उड़ान भरने से डरते हैं, जबकि अन्य इस गहरे सदमे से उबरने के लिए काउंसलिंग का सहारा ले रहे हैं।

Ahmedabad Air India Plane Crash: अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे को करीब एक साल बीत चुका है और इसमें जान गंवाने वाले 260 लोगों के परिवारों का दुख आज भी उनके आंसुओं में छलक जाता है। एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 की दुर्घटना में अपने प्रियजनों को गंवाने वाले कुछ लोग आज भी उड़ान भरने से डरते हैं, जबकि अन्य इस गहरे सदमे से उबरने के लिए काउंसलिंग का सहारा ले रहे हैं। कई परिवारों और प्रत्यक्षदर्शियों के लिए इस त्रासदी का असर अब तक खत्म नहीं हुआ है।

Air India crash

अहमदाबाद Air India प्लेन क्रैश की पहली बरसी

आज तक किसी विमान में कदम नहीं रखा

दीव निवासी रफीक अरब ने पिछले साल 12 जून को लंदन जाने वाले विमान के उड़ान भरते ही हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में अपने 25 वर्षीय बेटे फैजान को खो दिया था। तब से उन्होंने आज तक किसी विमान में कदम नहीं रखा है और वह हवाई यात्रा के गहरे डर के साए में जी रहे हैं। फैजान ब्रिटेन में इस्लामिक अध्ययन की पढ़ाई कर रहा था और दीव में अपने परिवार से मिलने के बाद वापस जा रहा था। उसका अपने पिता को आखिरी फोन संदेश था: पापा, मैं फ्लाइट में बैठ गया हूं और मैं जा रहा हूं। रफीक ने पीटीआई-भाषा से कहा, कौन सोच सकता था कि यह उसका आखिरी मैसेज होगा? हमने उस दिन के बाद से कभी विमान यात्रा नहीं की। यहां तक कि सिर के ऊपर से गुजरने वाले विमान की आवाज भी हमें झकझोर देती है और याद दिलाती है कि कैसे 260 जिंदगियां पल भर में खत्म हो गईं। फैजान की मां और दो छोटे भाई अब भी उसकी कमी महसूस करते हैं।

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