यूपी की राजनीति में चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई के बाद अब ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में भी ऐसा होने वाला है। हम बात कर रहे हैं एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) और उनके भतीजे अजीत पवार (Ajit Pawar) की। अजीत पवार पहले भी बगावत कर चुके हैं और हाल के दिनों में भी उनके हाव-भाव कुछ बदले हुए लग रहे हैं। चर्चा ये भी है कि अजीत पवार भाजपा के साथ जाने के लिए उत्सुक हैं, हालांकि अजीत पवार इसे खारिज कर चुके हैं। लेकिन उनका व्यवहार ये साफ कर रहा है कि एनसीपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
शरद पवार और भतीजे अजीत पवार के बीच चल रही है पावर की लड़ाई?
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क्या है मामला
दरअसल महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष जयंत पाटिल से ईडी ने पूछताछ की थी, जिसके बाद जब वो ईडी ऑफिस से निकले तो उनके सभी साथी नेताओं के फोन आए, लेकिन अजीत पवार ने उन्हें फोन करने की जहमत नहीं उठाई। पाटिल ने कहा कि ईडी द्वारा उनसे पूछताछ किए जाने के एक दिन बाद उन्हें विपक्षी गठबंधन, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सभी शीर्ष नेताओं से समर्थन के लिए फोन आए। पाटिल ने कहा कि हालांकि विपक्ष के नेता अजीत पवार ने उन्हें फोन नहीं किया।
शरद पवार से मिलेंगे पाटिल
पाटिल ने कहा, एनसीपी के सभी शीर्ष नेताओं और हमारे गठबंधन सहयोगियों ने मुझे कल रात और आज भी फोन किया है। मैं किसी का नाम नहीं ले रहा हूं। लेकिन उनमें हमारे मित्र दलों के सभी प्रमुख नेता शामिल हैं। वह एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मिलने वाले हैं। वो ईडी की पूछताछ के बारे में पवार को जानकारी देंगे।
क्या बोले अजीत पवार
अजीत पवार ने कहा था कि उन्होंने नियम बना रखा है कि वह किसी भी जांच के मामले में कभी भी टिप्पणी नहीं करते हैं। अजित पवार ने कहा था, इससे पहले प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, अनिल देशमुख और अन्य के खिलाफ जांच हुई थी.. मुझे एक बयान दिखाइए जहां मैंने जांच के बारे में कुछ कहा हो। उन्होंने बताया कि पिछले साल, जब आयकर विभाग (आईटीडी) ने 22 स्थानों पर छापेमारी कर उनके करीबी परिवार के सदस्यों की जांच की थी, तब भी मैंने कुछ नहीं कहा था।
