CJI ने बताया-SC ने क्यों स्वीकार किया अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाला संसद का फैसला

सीजेआई ने कहा कि 'देश को यदि एकजुट रहना है तो देश को एक संविधान से चलना होगा। एक राज्य के लिए अलग से एक संविधान बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की सोच के अनुरूप नहीं था। इसलिए हमने सर्वसम्मत से अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले संसद के फैसले को स्वीकार किया। यह फैसला इसलिए था कि देश में केवल एक संविधान काम करे।'

Chief Justice of India : जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने वाले संसद के फैसले पर प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। प्रधान न्यायाधीश ने नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने संसद के इस फैसले पर अपनी मुहर क्यों लगाई। सीजेआई ने कहा कि 'देश को यदि एकजुट रहना है तो देश को एक संविधान से चलना होगा। एक राज्य के लिए अलग से एक संविधान बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की सोच के अनुरूप नहीं था। इसलिए हमने सर्वसम्मत से अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले संसद के फैसले को स्वीकार किया। यह फैसला इसलिए था कि देश में केवल एक संविधान काम करे।'

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केंद्र सरकार ने 2019 में खत्म किया अनुच्छेद 370।

...सीजेआई जब भावुक हुए

इससे पहले शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश उस समय भावुक हो गए जब वह अपने निजी अनुभव साझा किए और अपने माता-पिता के संघर्षों का जिक्र करते हुए एक ऐसा पक्ष उजागर किया जो शायद ही कभी आम लोगों के सामने आता है। प्रधान न्यायाधीश ने साफ तौर पर नम आंखों और रुंधे स्वर में बताया कि किस प्रकार उनके पिता की आकांक्षाओं ने उनके जीवन को आकार दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं वास्तुशास्त्री बनना चाहता था, लेकिन मेरे पिता के मेरे लिए कुछ और ही सपने थे। वह हमेशा चाहते थे कि मैं वकील बनूं, एक ऐसा सपना जो वह खुद पूरा नहीं कर सके।’

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