देश

अभिजीत दिपके को जेल नहीं बेल, जमानत पर बाहर आ रहे हैं कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया

अभिजीत को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ता और संस्थापक अभिजीत दीपके को शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है।

Image

अभिजीत दिपके को बेल (फोटो- PTI)

अभिजीत दिपके को जमानत मिल गई है। अभिजीत को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा। पीस बॉन्ड भरवा कर रिलीज किया जाएगा। पीस बांड की एक कंडीशन होगी जिसका पालन करना होगा। दिपके को 16 मार्च को तब गिरफ्तार किया गया था, जब वो सीजेपी के घोषित तिरंगा मार्च में शामिल होने के लिए निकले थे। दिपके को मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन नहीं निकालने के लिए नोटिस भी दिया था।

दिपके को शर्तों के साथ जमानत

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, एक 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने का मुचलका) पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। 50 हजार के सिक्योरिटी बॉन्ड पर दिपके को जमानत दी गई है।

पार्टी ने की थी रिहाई की अपील

इससे पहले शनिवार को ही पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देते हुए 'विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट' (SEM) अदालत से उनकी तत्काल रिहाई की मांग की थी। रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि नागरिकों को शांतिपूर्ण राष्ट्रीय प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करना अपराध कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा, "दिपके ने केवल लोगों से तिरंगा फहराने का आग्रह किया था, यह अपने आप में अपराध कैसे हो सकता है?"

रत्ना सिंह ने दिपके को उनके आवास के बाहर से हिरासत में लिए जाने के तरीके पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने तुरंत उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं दी और उनके वकीलों को मिलने से रोका गया।

कल हुई थी गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' रैली का नेतृत्व करने से रोकने के लिए दिपके को हिरासत में लिया था। अधिकारियों ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 163 लागू करते हुए मध्य दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे।

पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक चेतावनियों के बावजूद भीड़ जुटने पर करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था और कई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं। घटना के बाद, पुलिस ने दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत एक नया निवारक मामला (preventive proceeding) दर्ज किया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article