AAP vs BJP in Goa: पिछले साल दिसंबर के महीने में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें गोवा पुलिस के एक कांस्टेबल की मदद से आरोपी फरार हो गया था। उस वक्त सरकार और पुलिस पर खूब सवाल उठे थे। अब एक बार फिर भूमि घोटाले के आरोपी सुलेमान सिद्दीकी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सुलेमान ने ये आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे टॉर्चर करके और बंदूक की नोक पर वीडियो रिकॉर्डिंग की है। एक दिन पहले जब सिद्दीकी पणजी जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश हुआ, तो उसने मीडिया के सामने ऐसा दावा कर दिया कि दूसरा वीडियो जबरन बंदूक की नोक पर और बिजली के झटकों के बीच रिकॉर्ड कराया गया था। सुलेमान के इस बयान के बाद सूबे के सियासत में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार और प्रशासन को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
आम आदमी पार्टी ने गोवा सरकार पर लगाए आरोप।
सिद्दीकी के दावे के बाद सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे पर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। साथ ही उसने स्वतंत्र जांच की मांग की है। सिद्दीकी ने एक दिन पहले ही मीडिया से कहा कि 'दूसरा वीडियो फर्जी था। इसे बंदूक की नोक पर और बिजली के झटकों के बीच जबरन रिकॉर्ड कराया गया।' सिद्दीकी ने अपने पहले वीडियो को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जो आरोप पहले लगाए थे, वे सभी सही हैं। पहले वीडियो में उन्होंने SP क्राइम ब्रांच राहुल गुप्ता, DySP सूरज हालारंकर और BJP विधायक जोशुआ डिसूजा पर भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।
अमित पालेकर का BJP और सरकार को घेरा
AAP गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर ने सिद्दीकी के खुलासे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए SP क्राइम राहुल गुप्ता और DySP सूरज हालारंकर को तत्काल निलंबित करने और पुलिस की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि 'सच को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए दफनाया नहीं जा सकता। सिद्दीकी के बयान ने गोवा पुलिस की संदिग्ध भूमिका उजागर कर दी है। यह SP क्राइम राहुल गुप्ता और DySP सूरज हालारंकर को निलंबित करने के लिए पर्याप्त कारण है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी करे और उनकी हिरासत से भागने की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।'
1.5 लाख वर्ग मीटर भूमि घोटाले में आरोपी सिद्दीकी का नाम 2014 में लुईजा फर्नांडिस की हत्या और टार्सिला फर्नांडिस की हत्या के प्रयास से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि विपक्ष ने इस मामले में सरकार और पुलिस पर सवाल खड़ा किया और CBI जांच की मांग की। आगे क्या होता है, ये देखना दिलचस्प होगा। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
