Launch Pads Active Across LoC: पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया है। यहां हुआ हमला 2019 पुलवामा अटैक के बाद अब तक का सबसे भीषण आतंकी हमला है। पहलगाम ने पाकिस्तानी आतंकियों के कश्मीर में गर्मियों के दौरान हमले की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान के खतरनाक मंसूबे सामने आ गए हैं। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू की ओर 32 लॉन्च पैड में 100 आतंकवादी हैं। ये घुसपैठ करने के मौके की ताक में हैं। दूसरी ओर, कश्मीर में 10 लॉन्च पैड में 35 आतंकवादी हैं। पिछले छह महीनों में जम्मू की ओर से घुसपैठ की 50 कोशिशें हुई हैं।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तलाशी अभियान तेज
दक्षिणी तरफ से घुसपैठ कर कश्मीर में घुसे
कुछ आतंकवादी दक्षिणी तरफ से घुसपैठ कर कश्मीर की ओर बढ़े हैं। जबकि कश्मीर में 75 जगहें हैं, जम्मू क्षेत्र में लगभग 50 हैं, जो कम पहाड़ी है और यहां छिपने की जगहें कम हैं। भारत में 115 आतंकवादियों ने घुसपैठ की है। आतंकवादियों को उनकी जरूरत के हिसाब से तकनीकी मदद भी मिल रही है। ड्रोन के जरिए उन तक हथियार भेजे जा रहे हैं। 2023 में 125 ड्रोन बरामद किए गए। पिछले साल सुरक्षा बलों को 300 ड्रोन मिले थे।
पहलगाम में लंबी शांति के बाद आतंकी वारदात
पहलगाम में लंबी शांति के बाद ऐसी बड़ी आतंकी वारदात हुई है। 2022 में आतंकवादी हमलों की संख्या 107 थी। 2023 में 27 और 2024 में 26 हमले हुए। इस साल 31 मार्च तक केवल तीन हमले हुए। लेकिन तब से अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से घुसपैठ की संभावना बनी हुई है।
पाकिस्तान को रास नहीं आया आर्थिक विकास
पहलगाम में तूफान से पहले की शांति के कारण पिछले साल जम्मू-कश्मीर में 2.35 करोड़ पर्यटक आए थे। इनमें से पांच लाख श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर गए थे। श्रीनगर के लाल चौक में रोजाना 11,000 पर्यटक आते थे। इसका मतलब आम तौर पर आर्थिक विकास साफ नजर आ रहा था। यह कुछ ऐसा था जो पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी संगठनों और आईएसआई में बैठे उनके आकाओं, यानी पाकिस्तानी सैन्य खुफिया एजेंसी को पसंद नहीं आया। और फिर पहलगाम जैसी जघन्य आतंकी वारदात हुई।
