जम्मू कश्मीर में नई सरकार का गठन हो चुका है, उमर अब्दुल्ला सीएम बन चुके हैं। अब सीएम उमर अब्दुल्ला के लिए गाड़ियों का काफिला तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री साहब को यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो, इसके लिए आठ लग्जरी गाड़ी खरीदी जा रही है, जिसपर 3 करोड़ से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। हां, ये अलग बात है कि सरकार बनने के बाद भी जम्मू कश्मीर के विधायकों को अभी सैलरी नहीं मिली है।
उमर अब्दुल्ला के लिए खरीदी जाएगी 8 गाड़ी
4 जम्मू कश्मीर में तो 4 दिल्ली में रहेंगी गाड़ियां
परिवहन विभाग के एक आदेश के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आधिकारिक उपयोग के लिए आठ टोयोटा फॉर्च्यूनर वाहनों की खरीद के लिए 3.04 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वाहनों को प्रमुख स्थानों पर आवंटित किया जाएगा, जिनमें से चार दिल्ली में, दो जम्मू में और दो श्रीनगर में तैनात किए जाएंगे।
नए ड्राइवरों की नियुक्ति नहीं
सरकारी आदेश में कहा गया है कि धन का उपयोग केवल एसयूवी की खरीद के लिए किया जाना चाहिए, सभी व्यय प्रमाण पत्र 31 मार्च, 2025 तक जमा किए जाने चाहिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मौजूदा कर्मचारी वाहनों का प्रबंधन करेंगे और ड्राइवरों के लिए कोई नया पद नहीं बनाया जाएगा। परिवहन विभाग को धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।
विधायकों को नहीं मिला है वेतन
पदभार ग्रहण करने के दो महीने से अधिक समय बाद भी जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में नवनिर्वाचित विधान सभा सदस्य (एमएलए) अभी भी अपने पहले वेतन का इंतजार कर रहे हैं। सैलरी को लेकर अब स्पीकर ने पत्र भी लिखा है।
नई गाड़ियों पर अब्दुल्ला की ओलचना
अब्दुल्ला की गाड़ियों को लेकर सियासत भी गर्मा रखी है। श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू ने एक्स पर एक पोस्ट में अब्दुल्ला पर निशाना साधा और सरकार की प्राथमिकताओं की आलोचना की। मट्टू ने लिखा, "200 यूनिट मुफ्त बिजली। कोई व्यावसायिक नियम नहीं, पीएसआई के लिए आयु में छूट। कोई अधिकार नहीं। आरक्षण का युक्तिकरण - उप-समिति, लेकिन राजा के काफिले के लिए खरीदारी की होड़, सभी अधिकार उपलब्ध। वाह।"
