26/11 Mumbai Attacks: आतंकियों की लाश दफनाने से मौलवियों ने कर दिया था इंकार, आधी रात को मुंबई पुलिस ने ऐसे किया अंतिम संस्कार

  • Authored by: शिवम पांडे
  • Updated Nov 25, 2022, 03:05 PM IST

26/11 Mumbai Attacks: 26 नवंबर 2008 का दिन भारतीय इतिहास में एक काला दिन है। लश्कर-ए-तौयबा के 10 आतंकियों ने तीन दिन तक मुंबई में सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारा था। पुलिस और एनएसजी के ऑपरेशन में नौ आतंकियों मारे गए और एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया था। नौ आतंकियों की लाश को मौलवियों ने दफनाने से इंकार कर दिया था। जानिए कैसे दफनाई गई इन आतंकियों की लाश।

KEY HIGHLIGHTS
  • 26 नवंबर को है मुंबई आतंकी हमले की 14वीं बरसी।
  • 10 आतंकियों ने तीन दिन तक मुंबई को दहलाया था।
  • नौ आतंकियों की लाश को दफनाने से मौलवियों ने किया था इंकार।

26/11 Mumbai Attacks: भारत के सबसे दुर्दांत आतंकी हमले यानी 26/11 मुंबई हमले की 26 नवंबर को 14वीं बरसी है। पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तोयबा के 10 आतंकवादियों ने तीन दिन तक मुंबई में आंतक का खूनी खेल खेला था। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी। तीन दिन तक चले ऑपरेशन में नौ आतंकवादी मारे गए थे। वहीं, एक आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इन नौ आतंकियों की लाश दफनाने के लिए मौलवियों ने इंकार कर दिया था। मुंबई पुलिस ने इसके बाद बेहद खूफिया तरीके से इन आतंकियों की लाश को ठिकाने लगाया था।

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26/11 Mumbai Attacks

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिशनर राकेश मारिया ने अपनी किताब Let me say it now में बताया है कि आतंकवादियों की लाश को किस तरह दफनाया गया था। राकेश मारिया ने लिखा, 'पाकिस्तान आतंकियों के शव को लेने को तैयार नहीं था। मुस्लिम कब्रिस्तान में काम कर रहे लोगों ने जगह देने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि इन्होंने ऐसा काम किया है जिसकी इस्लाम में इजाजत नहीं है। हमने नेवी से प्रार्थना की कि इन आतंकवादियों को समुद्र में दफना दिया जाए लेकिन, उन्होंने भी मना कर दिया। मेडिकल स्कूल के लिए भी ये शव किसी काम के नहीं थे, क्योंकि वह बुरी तरह से सड़ गए थे।'

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