RG Kar Medical College & Hospital rape-murder case : आरजी कर अस्पताल में मेडिकल की छात्रा से रेप एवं मर्डर केस के एक साल पूरे होने के मौके पर भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कोलकाता में बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा ने 'नबन्ना अभिजन' रैली निकाल बंगाल की ममता सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी पर घटना में संलिप्त लोगों को बचाने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में शामिल भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि घटना के एक साल पूरे हो गए हैं लेकिन 'अभया' को अभी भी इसांफ नहीं मिला है। ममता बनर्जी को इस्तीफा देना चाहिए।
कोलकाता में BJP का प्रदर्शन। तस्वीर-ANI
ममता इस्तीफा दें-सुवेंदु अधिकारी
भाजपा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कोलकाता पुलिस ने शहर भर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इस दौरान अधिकारी ने कहा कि 'कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष को ममता बनर्जी बचा रही हैं। उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना चाहिए। अगर वह त्यागपत्र नहीं देती हैं तो आठ महीने बाद बंगाल की जनता उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।'
ममता पर साक्ष्य मिटवाने का आरोप
भाजपा विधायक अग्निमित्रा ने कहा कि ममता बनर्जी डरी हुई हैं। इस घटना के एक साल हो गए हैं लेकिन 'अभया' को आज तक इंसाफ नहीं मिला। यह रैली ममता बनर्जी के खिलाफ है।उन्होंने सभी साक्ष्यों को मिटवा दिया है। हम उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सांतरागाछी तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च में हिस्सा ले रहे प्रदर्शनकारियों का एक समूह शनिवार को हावड़ा जिले के सांतरागाछी पहुंच गया और वहां पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को पार करने की कोशिश की। ‘नबान्न’ चलो अभियान’ के तहत प्रदर्शनकारियों ने मृत चिकित्सक के लिए न्याय की मांग की और पुलिस अवरोधक के बावजूद राज्य सचिवालय तक पहुंचने का अपना संकल्प व्यक्त किया। एक प्रदर्शनकारी को यह कहते सुना गया, ‘पुलिस हम पर गोली चला सकती है, लेकिन हम ‘नबान्न’ पहुंचने के लिए दृढ़ हैं, जहां राज्य सरकार को जवाब देना होगा कि एक साल बाद भी ‘अभया (आर जी कर कांड में जान गंवाने वाली चिकित्सक के लिए प्रतीकात्मक नाम) ’ को न्याय क्यों नहीं मिला।’
वाटर कैनन तैनात किए गए
पुलिस प्रदर्शनकारियों को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए लगातार सूचित कर रही थी लेकिन प्रदर्शनकारी 10 फुट ऊंचे अवरोधक पार करने की कोशिश करते दिखे। कुछ प्रदर्शनकारियों को अवरोधकों को तोड़ने और उसे पार करने के लिए भारी औजारों का इस्तेमाल करते भी देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे के अलावा महिला चिकित्सक के लिए न्याय और मुख्यमंत्री ममता के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और बैनर लिये हुए थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल, त्वरित प्रतिक्रिया बल के जवान और यहां तक कि वाटर कैनन तैनात किए गए।
