Working In Night Shift Can Cause Kidney Stones: अगर आप रात की शिफ्ट में काम करते हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन से यह सामने आया है कि नाइट शिफ्ट करने वालों में गुर्दे की पथरी (kidney stone) होने का खतरा 15% अधिक हो सकता है। खासकर युवा लोग और ऐसे कर्मचारी जिनका काम ज़्यादातर बैठकर होता है, वे इस जोखिम से और अधिक प्रभावित होते हैं। इस लेख में हम इस अध्ययन के निष्कर्षों को सरल भाषा में समझेंगे, जानेंगे कि रात की नौकरी किस तरह हमारे शरीर की लय (circadian rhythm) को बिगाड़ सकती है, तथा क्या कदम उठाए जाएँ ताकि हम इस समस्या से बच सकें।
Working In Night Shift Can Cause Kidney Stones
अध्ययन में क्या पाया गया
इस अध्ययन में लगभग 2,20,000 से ज़्यादा लोगों का लगभग 14 साल तक अनुवर्ती किया गया। शोधकों ने यह देखा कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में गुर्दे की पथरी बनने की दर दिन के दौरान काम करने वालों की तुलना में 15% अधिक पाई गई। यह फर्क केवल उम्रदराज लोगों में नहीं, बल्कि विशेष रूप से युवा कर्मचारियों में अधिक स्पष्ट था।
साथ ही, उन लोग जिनका काम ज़्यादा शारीरिक मेहनत नहीं मांगता जैसे की बैठकर ऑफिस वर्क - उनमें यह खतरा और बढ़ा हुआ मिला।
रात की नौकरी क्यों देती है यह जोखिम
रात की शिफ्ट काम करने से हमारी अंदरूनी जैविक घड़ी, यानी सर्कैडियन रिदम प्रभावित होती है। इस लय के प्रभावित होने से हॉर्मोन, पाचन तंत्र और मेटाबोलिज्म पर असर पड़ता है। जब आपकी बॉडी क्लॉक असमय जागने और सोने के पैटर्न से टकराती है, तो शरीर को अपने आप को संतुलन (homeostasis) बनाए रखने में मुश्किल होती है।
इसके अलावा, रात में काम करने वाले लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, अनियमित भोजन करते हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं, ये सभी कारक पथरी बनने की प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं।
कौन ज्यादा संवेदनशील है
विशेष रूप से युवा कर्मचारी और वे जिनकी नौकरी बैठकर होती है जैसे की कंप्यूटर पर काम करने वाले, काउंटर वर्क आदि, उनमें यह जोखिम अधिक पाया गया। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि शारीरिक काम करने वाले पूरी तरह सुरक्षित हैं, मगर जोखिम का अनुपात कम हो सकता है। इसलिए यदि आपकी नौकरी रात में है और ज़्यादा चलने-फिरने वाली गतिविधि नहीं करती है, तो आपको और अधिक सावधानी बरतनी होगी।
गुर्दे की पथरी क्या है और कैसे होती है?
गुर्दे की पथरी एक कठोर खनिज और लवणों का जमा (deposit) होती है जो गुर्दे में बन सकती है। ये छोटी रेत के दानों के आकार से लेकर बड़ी पथरी तक हो सकती है। इसकी प्रमुख लक्षणों में तीव्र कमर या पेट के पार्श्व (side) में दर्द, पेशाब करते समय जलन, पेशाब में रक्त आना, और उल्टी या मिचली शामिल हैं। यदि समय रहते इलाज न हो, तो ये पथरी मूत्र मार्ग को बंद कर सकती है और अधिक गंभीर गुर्दे की समस्याएं भी उत्पन्न कर सकती है।
कैसे बचाव करें
रात की नौकरी करते हुए भी आप इस जोखिम को कम कर सकते हैं,
- पर्याप्त पानी पीना: दिन भर (और रात में भी जब संभव हो) अधिक मात्रा में पानी पीएँ, ताकि मूत्र पतला रहे।
- संतुलित आहार अपनाएं: नमक, प्रोसेस्ड फूड्स और अत्यधिक प्रोटीन युक्त भोजन से बचें।
- शारीरिक गतिविधि बनाए रखें: यदि नौकरी बैठने वाली है, तो छोटी-छोटी चहलकदमी, स्ट्रेचिंग, व्यायाम करें।
- नींद का गुणवत्ता ध्यान रखें: जिस समय सोना है, वह शांत, अंधेरा और व्यवस्थित हो ताकि बिकरित लय कम प्रभावित हो।
- नियमित स्वास्थ्य की जांच: यदि आपका परिवार ऐसे मामलों का सामना कर चुका हो या आपने पहले पथरी हुई हो, तो डॉक्टर से नियमित जाँच कराएं।
निष्कर्ष
रात की शिफ्ट में काम करना सिर्फ थकावट नहीं लाता, यह आपकी गुर्दों की सेहत पर असर डाल सकता है और पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकता है। खासकर युवा कर्मियों और उन लोगों के लिए जिनकी नौकरी अधिकतर बैठकर होती है, यह जोखिम अधिक प्रत्यक्ष है। लेकिन अच्छी दिनचर्या, हाइड्रेशन, संतुलित आहार और नियमित गतिविधि से आप इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
यदि आप नाइट शिफ्ट करते हैं, तो इसे गंभीरता से लें। अपनी आदतों में बदलाव करें और डॉक्टर से सलाह लेते रहें। आपकी सेहत आपके हाथ में है!
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
