World Milk Day 2023: कौन सी बीमारी में दूध नहीं पीना चाहिए? एक्सपर्ट से जानिए क्या है दूध पीने का सही समय

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated Jun 1, 2023, 07:26 AM IST

World Milk Day 2023 in Hindi: दूध और अन्य डेयरी उत्पाद डाइट में सैचुरेटेड फैट के शीर्ष स्रोत हैं, जो हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह और अल्जाइमर रोग में योगदान करते हैं। अध्ययनों ने डेयरी को स्तन, डिम्बग्रंथि और प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा है। आइये एक्सपर्ट से जानते हैं किन बीमारियों में दूध का सेवन करना चाहिए-

World Milk Day 2023 in Hindi: ऐसी कुछ परिस्थितियां होती हैं, जिनमें लोगों को दूध की मात्रा कम करनी पड़ सकती है या दूध पीना बिल्कुल बंद करना पड़ सकता है। इन परिस्थितियों में लैक्टोस इन्टॉलरेंस, दूध से एलर्जी और पाचन से जुड़ी कुछ समस्याएं शामिल हैं। उजाला सिग्नस लक्ष्मी मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, वाराणसी के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डीएम, डॉ इंद्रेश दीक्षित से बातचीत की है। आइए, इनमें से प्रत्येक पर विस्तार से नजर डालते हैं :

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Health Benefits of Milk: सुबह खाली पेट दूध पीना चाहिए कि नहीं?

लैक्टोस इन्टॉलरेंस - Lactose Intolerance

उजाला सिग्नस लक्ष्मी मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, वाराणसी के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डीएम, डॉ इंद्रेश दीक्षित ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि लैक्टोस दूध और डेयरी उत्पादों में पाई जाने वाली शुगर होती है और लैक्टोस इन्टॉलरेंस उस स्थिति को कहते हैं, जब शरीर को लैक्टोस पचाने में परेशानी होती है। इस समस्या से पीड़ित लोगों में लैक्टेस एंजाइम नहीं पाया जाता, जो लैक्टोस को तोड़ने के लिए आवश्यक होता है। यदि लैक्टोस अच्छी तरह नहीं पचता है, तो इससे पेट फूलना, गैस, डायरिया और पेट में बेचैनी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लैक्टोस इन्टॉलरेंस से पीड़ित लोगों को दूध और डेयरी उत्पादों की मात्रा कम करनी पड़ सकती है या दूध पीना बिल्कुल बंद करना पड़ सकता है। हालांकि, इस समस्या को झेलने वाले कई लोग लैक्टोस की थोड़ी मात्रा सहन कर लेते हैं, जिससे वे कम लैक्टोस वाले या लैक्टोस से मुक्त डेयरी उत्पादों का सेवन कर सकते हैं।

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