लंग कैंसर दुनिया भर में तेजी से फैलने वाला एक कैंसर है। जिससे हर साल बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों की मानें तो साल 2020 में लंग कैंसर के कारण 18 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी। वहीं बात करें भारत की तो कैंसर के कुल मामलों में लगभग 6% लंग कैंसर के मामले होते हैं, वहीं इसके कारण कुल 8% लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता है।
दुनिया भर में लोगों को फेफड़ों के कैंसर से जागरूक करने के लिए और इससे बचाव आदि के बारे में बताने के लिए 1 अगस्त के दिन को World Lung Cancer Day के रूप में मनाया जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं, कि स्मोकिंग के अलावा फेफड़ों के कैंसर की और भी वजह हो सकती हैं। आइए जानते है विस्तार से...
क्या होता है फेफड़ों का कैंसर? What is Lung Cancer?
जब हमारे फेफड़ों में मौजूद कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। तो इसे लंग कैंसर के रूप में जाना जाता है। जब यह कैंसर केवल फेफड़ों में बढ़ना शुरू होता है, तो इसे प्राथमिक स्टेज कहते हैं। वहीं जब कैंसर फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य भागों में फैलने लगता है, तो इसे द्वितीयक स्टेज का कैंसर कहते हैं।
फेफड़ों के कैंसर के कारण - Causes of Lung Cancer
ऐसे तो फेफड़ों के कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर धूम्रपान (बीड़ी-सिगरेट आदि) को ही लंग कैंसर की मुख्य वजह माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो लंग कैंसर के 80% मामले धूम्रपान के कारण ही होते हैं। लेकिन कुछ और भी कारण हैं जो फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
पैसिव स्मोकिंग - Passive Smoking
यदि आप स्मोकिंग नहीं करते हैं, लेकिन आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद है जो धूम्रपान करता है। तो यह आपके लिए भी उतना ही खतरनाक होता है। जी हां पैसिव स्मोकिंग भी लंग कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकती है।
वायु प्रदूषण - Air Pollution
हवा में मौजूद प्रदूषण आज लंग कैंसर का एक बड़ा कारण बन रहा है। दरअसल हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण हमारे फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जो फेफड़ों की कोशिकाओं को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। जो लंबे समय में लंग कैंसर की वजह बन सकते हैं।
अनुवांशिक कारण - Genetic Reasons
लंग कैंसर होने का खतरा उन लोगों को भी ज्यादा होता है, जिनके परिवार में इस कैंसर की कोई हिस्ट्री रही होती है। आंकड़ों की मानें तो लंग कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के जीन में इसका खतरा होने की संभावना 60% हो जाती है।
रेडिएशन का प्रयोग - Radiation Therapy
यदि आप किसी तरह के कैंसर (स्तन कैंसर) के इलाज के लिए रेडिएशन का प्रयोग करते हैं, तो यह भी आपके लिए लंग कैंसर का कारण बन सकता है। हालांकि कितना रेडिएशन कैंसर की वजह बनता है यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि कई रिपोर्ट में यह बात साबित हुई है कि रेडॉन के संपर्क में आने से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।
