First Night Effect: क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब आप किसी होटल, गेस्ट हाउस या दोस्त के घर रुकते हैं तो आपको पहली रात ठीक से नींद नहीं आती है? बिस्तर आरामदायक हो, थकान भी भरपूर हो, फिर भी आंखें देर तक खुली रहती हैं। ये प्रॉब्लम ज्यादातर लोगों कभी न कभी फेस जरूर करते हैं। लेकिन क्या आपने ये सोचा कि आखिर ऐसा होता क्यों है? इस बारे में जानने के लिए जब हमने काफी रिसर्च की तो एक टर्म सामने आया जिसे 'फर्स्ट नाइट इफेक्ट' कहा जाता है। दरअसल आपको जानकर हैरानी होगी कि 'फर्स्ट नाइट इफेक्ट' एक वैज्ञानिक कारण है। जो हमारे बॉडी माइंड कनेक्शन को दिखाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
नई जगह पर क्यों खुल जाती है नींद?
क्या है फर्स्ट नाइट इफेक्ट? - What is First Night Effect
फर्स्ट नाइट इफेक्ट एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें हमारा दिमाग किसी नई जगह पर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता है। कई शोध में यह बात सामने आई है कि जब हम किसी अनजान माहौल में सोते हैं, तो हमारा दिमाग आंशिक रूप से सतर्क हो जाता है। यानी दिमाग का एक हिस्सा तो गहरी नींद में जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा आसपास की आवाजों और हलचलों पर नजर रखता है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो यह हमारे शरीर का एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र है। जो लंबे समय से इंसान को जंगली जानवरों और खतरे से बचने के लिए सतर्क करता है। क्योंकि पहले सुरक्षा के इंतजाम इतने मजबूत नहीं थे, इसलिए नई जगह पर पूरी तरह गहरी नींद लेना जोखिम भरा हो सकता था। यही आदत आज भी हमारे मस्तिष्क में कहीं न कहीं मौजूद है।
दिमाग का ‘नाइट गार्ड'
आपको बता दें कि जब हम नींद में होते हैं, तो हमारे दिमाग का बायां हिस्सा ज्यादा एक्टिव रहता है। जिसका काम खतरे के संकेतों पर ध्यान देना होता है। यही कारण है कि नई जगह पर कोई हल्की सी आवाज भी हमारी आंख खोल देती है। इस स्थिति में नींद हल्की और बार-बार टूटने वाली होती है। यही कारण है कि नई जगह पर सोने वाले लोग कई बार सुबह उठकर थकान महसूस करते हैं, जबकि उन्होंने भरपूर समय तक बिस्तर पर बिताया होता है।
कैसे पाएं बेहतर नींद?
अगर आप कहीं ट्रैवल पर हैं या नई जगह शिफ्ट हुए हैं, तो कुछ आसान उपायों को फॉलो कर आप अपनी नींद को बार-बार टूटने से बचा सकते हैं। इसमें कुछ आसान स्टेप्स आपकी मदद कर सकते हैं।
- अपने साथ अपने तकिए का कवर या कोई पसंदीदा खुशबू रखें।
- सोने से पहले अपना स्क्रीन टाइम कम करें।
- सोने के समय में बदलाव न करें।
- कमरे का तापमान नॉर्मल बनाए रखें।
इस तरह स्पष्ट है कि फर्स्ट नाइट इफेक्ट कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे दिमाग की सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है। इसलिए अगर अगली बार किसी नई जगह पर पहली रात नींद न आए, तो परेशान होने की जरूरत नहीं। अगले कुछ दिन में आपकी यह समस्या खुद से ठीक हो जाएगी।
