World AIDS Day 2025: 1 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है एड्स दिवस, जानें क्या है 2025 की थीम

HIV/AIDS व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को बेहद कमजोर कर देता है जिसके चलते शरीर मामूली से इन्फेक्शन से भी लड़ने में असमर्थ हो जाता है। 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है इसके पीछे का कारण और क्या है इस साल की थीम इसके बारे में यहां डिटेल में बताया गया है।

World AIDS Day 2025: एड्स बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं है। विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन HIV/AIDS के बारे में जागरूकता फैलाने और इससे प्रभावित लोगों का साथ देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मौके पर लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाता है कि HIV/AIDS का असर क्या है और नियमित जांच तथा इलाज कितनी जरूरी है।

विश्व एड्स दिवस

विश्व एड्स दिवस

क्यों चुना गया 1 दिसंबर का ही दिन

विश्व एड्स दिवस की शुरुआत 1988 में हुई थी। उस वक्त तय किया गया कि हर साल 1 दिसंबर को यह दिन मनाया जाएगा जिसके पीछे बड़ी वजह यह भी थी कि उस समय ना तो चुनाव होते थे और ना ही क्रिसमस की छुट्टियां होती थीं। यह तारीख बिल्कुल न्यूट्रल मानी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान आसानी से इस मुद्दे की तरफ खींचा जा सके और जागरूकता बढ़ाई जा सके।

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