Diet of hypothyroidism patients: हाइपोथायरॉयडिज्म की समस्या तब होती है, जब हमारे थायरॉयड ग्लैंड्स पर्याप्त थायरॉइड हॉर्मोन नहीं बना पाते हैं। इसके अंडरएक्टिव थायरॉइड भी कहा जाता है। हाइपोथायरॉयडिज्म की शुरुआती स्टेजेज में इसके कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं। आमतौर, पर इस समस्या की कोई खास डाइट नहीं होती है। हाइपोथायरॉयडिज्म पेशेंट्स के लिए बेस्ट डाइट किसी भी अन्य हेल्दी डाइट की तरह ही होती है। इसमें भी विभिन्न फल और सब्जियों का सेवन करना जरूरी है। इसके साथ ही जरुरी विटामिन्स और मिनरल्स को लेना भी महत्वपूर्ण है। यही नहीं, अगर आप अंडरएक्टिव थायरॉइड के लिए मेडिकेशन्स ले रहे हैं तो कुछ खास न्यूट्रिशन को लेना बेहद आवश्यक है। आइए जानें कि हाइपोथायरॉयडिज्म के पेशेंट की डाइट कैसी होनी चाहिए?
हाइपोथायरॉयडिज्म पेशेंट्स की डाइट कैसी होनी चाहिए?
हाइपोथायरॉयडिज्म पेशेंट्स की डाइट के बारे में जानें
हाइपोथायरॉयडिज्म पेशेंट्स की सही डाइट उनकी डिजीज को मैनेज करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए जानें कि इस रोग के पेशेंट की डाइट कैसी होनी चाहिए?
नट्स और फलियां- नट्स और फलियों में सेलेनियम अधिक मात्रा में होता है, जो थायरॉयड के एक्टिवेशन को प्रभावित कर सकते हैं। इस कंडिशन में नट्स का सेवन करना लाभदायक है जैसे ब्राजील नट्स आदि।
अंडे- अंडे में सेलेनियम और आयोडीन होता है, यह दोनों ओवरआल थायरॉयड फंक्शन को सुधार सकते हैं।
टूना- ब्राजील नट्स के साथ ही टूना उन फूड्स की लिस्ट में शामिल है, जिसमें प्राकृतिक रूप से सेलेनियम होता है। हाइपोथायरॉयडिज्म की स्थिति में इसे खाना फायदेमंद होता है।
ऑयस्टर्स- जिंक थायरॉयड कंडिशन को मैनेज करने का जरूरी न्यूट्रिएंट है, जो शरीर को थायरॉयड हॉर्मोन्स को प्रोड्यूज करने में मदद करता है। जिंक की कमी होना दुर्लभ है। लेकिन, हाइपोथायरॉयडिज्म से पीड़ित लोगों को जिंक युक्त फूड्स का सेवन करना चाहिए जैसे ऑयस्टर्स और अन्य शेलफिश।
हाइपोथायरॉयडिज्म में इन फूड्स को अवॉयड करना चाहिए
हाइपोथायरॉयडिज्म की स्थिति में किन चीजों का सेवन करना चाहिए, इसके साथ ही आपको उन फूड्स के बारे में भी पता होना चाहिए जिन्हें इस दौरान नहीं खाना चाहिए। यह फूड्स इस प्रकार हैं:
- सोया-बेस्ड फूड्स
- बाजरा
- कैफीन
- अल्कोहलिक पेय
- ग्लूटेन युक्त आहार
हाइपोथायरॉयडिज्म से पडित व्यक्ति को अधिकतर फूड्स को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं होती है। हाइपोथायरॉयडिज्म एक ट्रीटेबल कंडिशन है, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह का पालन करने से कंट्रोल किया जा सकता है। इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है, तो डॉक्टर से बात अवश्य करें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
