Botulism kya hai: आजकल सुंदर दिखने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते, फेशियल ट्रीटमेंट से लेकर लेजर और अब तो बोटॉक्स इंजेक्शन भी बहुत ट्रेंड में है। खासकर चेहरा जवां दिखाने और झुर्रियां हटाने के लिए कई लोग इन इंजेक्शनों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन अब इस ट्रेंड के पीछे एक बड़ा खतरा छुपा है। हाल ही में यूरोप के कई देशों में बोटॉक्स लेने वाले लोगों को 'बोटुलिज्म' नाम की गंभीर बीमारी हो गई है। इस बीमारी में शरीर लकवाग्रस्त हो सकता है और समय पर इलाज न हो तो जान भी जा सकती है। चलिए जानते हैं कि आखिर ये बोटुलिज्म है क्या और कैसे ये ब्यूटी ट्रीटमेंट से फैल रहा है।
What Is Botulism In Hindi
बोटुलिज्म आखिर होता क्या है - What Is Botulism In Hindi
बोटुलिज्म एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जो शरीर की नसों और मांसपेशियों को पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है। ये बीमारी क्लॉस्ट्रिडियम बोटुलिनम नाम के बैक्टीरिया से फैलती है, जो शरीर में जाकर एक ज़हर पैदा करता है। यही ज़हर इंसान को धीरे-धीरे लकवाग्रस्त कर सकता है और अगर वक्त रहते इलाज न हो, तो जान जाने का खतरा भी होता है।
बोटॉक्स से कैसे जुड़ा है ये संक्रमण?
बोटॉक्स दरअसल इसी टॉक्सिन का इस्तेमाल करता है, लेकिन बहुत ही कम मात्रा में और एक खास तकनीक से। अगर बोटॉक्स इंजेक्शन सही तरीके से न दिया जाए, या किसी अनप्रोफेशनल क्लीनिक में लिया जाए, तो संक्रमण फैलने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। यूरोप में सामने आए मामले ऐसे ही गैर-कानूनी और प्राइवेट क्लीनिकों से जुड़े हैं, जहां सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया गया।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड में हाल ही में बोटुलिज्म के करीब 25 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों ने बोटॉक्स इंजेक्शन लिया था और उसके बाद उन्हें गंभीर लक्षण दिखने लगे। यूरोपियन हेल्थ एजेंसियों ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है। इससे साफ है कि ब्यूटी ट्रीटमेंट के नाम पर लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है।
लक्षण कैसे पहचानें?
इस बीमारी के लक्षण कुछ घंटों या दिनों में दिखने लगते हैं, जैसे आंखों का धुंधलापन, बोलने और निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत और मांसपेशियों में कमजोरी। अगर समय पर इलाज न मिले, तो मरीज को वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ सकता है।
इलाज और बचाव का तरीका
इसका इलाज तभी कारगर होता है जब बीमारी की पहचान शुरू में हो जाए। डॉक्टर एंटीटॉक्सिन देते हैं, जो जहर के असर को रोकने में मदद करता है। सबसे जरूरी बात यह है कि बोटॉक्स जैसे इंजेक्शन केवल किसी प्रोफेशनल और सर्टिफाइड डॉक्टर से ही लें, और किसी भी अनजान या सस्ते क्लीनिक से दूरी बनाए रखें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें
