शरीर को फिट और लाइफस्टाइल को हिट रखने के लिए जरूरी है कि आपके शरीर में किसी भी तरह के पोषक तत्वों की कमी न हो। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व हमारी को दुरुस्त रखने के लिए काफी जरूरी होते हैं। लेकिन आज लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी काफी देखी जा रही है। जो आपकी सेहत के लिए कई तरह की समस्याओं का कारण बनती है। इस बेहद जरूरी पोषक तत्व की कमी को लेकर हाल ही में आई एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में 5 में 1 व्यक्ति विटामिन-डी की कमी से जूझ रहा है। वहीं शहरों में इसकी समस्या ज्यादातर लोगों में देखने को मिल रही है। जबकि हमारे गांव इस समस्या से अभी काफी हद तक बचे हुए हैं। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के बारे में विस्तार से...
क्या कहता है शोध?
ICRIER और ANVKA फाउंडेशन ने सामूहिक रूप से की एक स्टडी में पाया है कि भारत में हर 5 में से 1 व्यक्ति विटामिन-डी कमी का शिकार है। वहीं ये समस्या हमारे शहरी इलाकों में ज्यादा देखने को मिल रही है। वहीं क्षेत्रीय आधार पर बात करें तो पूर्वी भारत में विटामिन-डी की कमी का मामला काफी ज्यादा दिख रहा है। आंकड़ों की मानें तो यहां लगभग 39% लोग इसकी कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट में बताया गया है कि विटामिन-डी कमी शहरों की तुलना में गांव में काफी कम देखने को मिली है।
किन लोगों को ज्यादा होती है विटामिन-डी की कमी?
हेल्थ शोध की मानें तो विटामिन-डी की कमी का शिकार पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा होती हैं। वहीं बच्चे, गर्भवती महिला और बुजुर्गों में भी इसकी कमी काफी ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा रिपोर्ट में इस बात पर अलग से ध्यान दिलाया गया है कि शहरों में रहने वाले गांव की तुलना में ज्यादा विटामिन-डी की कमी झेल रहे हैं।
शहरों में क्यों बढ़ी समस्या?
विटामिन-डी की पूर्ति का मुख्य स्रोत सूरज से मिलने वाली धूप होती है। जो शहरों में रहने वाले लोगों को भरपूर नहीं मिल पाती है। जिसके पीछे लाइफस्टाइल से लेकर कामकाज की व्यस्तता जैसे कई कारण हो सकते हैं। वहीं शहरों में घर काफी छोटे और बंद होते हैं, जो धूप न मिलने का सबसे अहम कारण हैं।
विटामिन-डी की कमी से होने वाली समस्याएं
विटामिन-डी की कमी से छोटे बच्चों में रिकेट्स नाम का रोग हो जाता है।
हड्डियों की बीमारी जैसे ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोमलेशिया भी विटामिन-डी की कमी के कराण हो सकती हैं।
मांसपेशियों की कमजोरी और लगातार थकान रहना भी विटामिन-डी की कमी का संकेत हैं।
डिप्रेशन, एंग्जाइटी, और मूड स्विंग्स भी विटामिन-डी की कमी के कारण हो सकते हैं।
विटामिन-डी की पूर्ति के उपाय
विटामिन-डी की पूर्ति की सबसे अहम स्रोत सूरज से मिलने वाली धूप है। इसलिए आपको चाहिए, कि आप रोजाना कम से कम 20 मिनट धूप में जरूर बैठें या टहलें। इसके साथ ही विटामिन-डी की कमी को दूर करने के लिए आप दूध से बने उत्पाद, मशरूम, अखरोट, बादाम, चिया सीड्स जैसी चीजों को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
