शरीर में होने वाली हीमोग्लोबिन की कमी को आमतौर पर खून की कमी के नाम से जाना जाता है। यदि आप थकान, कमजोरी, चक्कर आना और त्वचा का पीलापन जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो आपको हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक तत्व है। जो हमारे शरीर में ऑक्सीजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का काम करता है। हीमोग्लोबिन का लेवल पुरुषों में 13.8 से 17.2 ग्राम/डीएल और महिलाओं में 12.1 से 15.1 ग्राम/डीएल के बीच होना चाहिए। वहीं बच्चों में 11 से 16 ग्राम/डीएल हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य माना जाता है। आज हम आपको हीमोग्लोबिन की कमी के कुछ लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
हीमोग्लोबिन की कमी के संकेत
यदि आप थकान, कमजोरी, चक्कर आना और त्वचा का पीलापन और सांस लेने में मुश्किल जैसे 5 लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो आपको हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। इसलिए इसकी कमी को पूरे करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों का सहारा लेने की सलाह अक्सर दी जाती है। आइए जानते हैं कैसे करें हीमोग्लोबिन की कमी को दूर जिससे सेहत पर न आए कोई आंच। आगे जानें कुछ घरेलू नुस्खे ये आपके शरीर में खून को लबालब भर देते हैं।
गाजर चुकंदर का जूस
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो गाजर और चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन का लेवल दुरुस्त करने के लिए एक कारगर घरेलू नुस्खा साबित हो सकता है। जिसे बनाने के लिए आप 3-4 गाजर एक बड़ा चुकंदर और कुछ सीजनल फल डाल सकते हैं। इन सभी चीजों का जूस एक साथ मिलाकर पीने से आपका हीमोग्लोबिन का स्तर काफी तेजी से बढ़ने लगता है। योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस जूस को पीने की सलाह दी है।
गन्ने का रस
सर्दियों में गन्ना भरपूर मात्रा में उपलब्ध होता है, जिसका जूस आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। बाबा रामदेव ने बताया कि गन्ने का रस हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने में गन्ने का रस बेहद फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा यदि आपको पीलिया की समस्या है तो गन्ने का रस आपके लिए औषधि का काम करता है। हालांकि डायबिटीज के रोगियों को गन्ने के रस का सेवन कम से कम करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
