Sugar Craving During Periods Causes In Hindi: पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। यह बदलाव शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण देखने को मिलते हैं। कुछ महिलाओं के लिए यह काफी कठिन समय होता है, क्योंकि इस दौरान उन्हें पेट और कमर में दर्द के साथ-साथ गंभीर ऐंठन का सामना करना पड़ता है। इस दौरान वे काफी चिड़चिड़ा महसूस करती हैं, क्योंकि उनका मूड स्विंग होता रहता है। लेकिन अक्सर बहुत सी महिलाओं के साथ हम देखते हैं कि वे पीरियड्स में मीठे फूड्स बहुत अधिक खाती हैं। जबकि हेल्थ एक्सपर्ट्स यह सलाह देते हैं कि इस दौरान मिठाई, चीनी युक्त फूड्स और जंक फूड्स का कम से कम मात्रा में सेवन करना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी पीरियड्स के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को मीठे फूड्स खाने की क्रेविंग इतना ज्यादा होती है कि वे खुद को मीठा खाने से रोक नहीं पाती हैं। वे अक्सर यह सवाल पूछती हैं कि आखिर उन्हें पीरियड्स में मीठा खाने की क्रेविंग आखिर इतनी ज्यादा क्यों होती है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने शारदा अस्पताल, नोएडा की स्त्री रोग विशेषज्ञ और यूनिट हेड डॉ. रुचि श्रीवास्तव (Senior Consultant, Department of Gynaecology) से बात की। इस लेख में पीरियड्स में मीठे क्रेविंग होने के कारण विस्तार से जानें...
Causes Of Sweet Cravings During Periods
पीरियड्स में मीठा खाने के क्रेविंग के पीछे हो सकते हैं ये कारण- Causes Of Sweet Cravings During Periods In Hindi
- शरीर में हार्मोनल असंतुलन
- पीएमएस या पीरियड्स के कारण ( यह इनका लक्षण हो सकता है)
- सेरोटोनिन हार्मन कम होने की वजह से मीठा खाने की इच्छा महसूस हो सकती है।
- उदासी के कारण ऐसा हो सकता है, क्योंकि मीठे फूड्स खाने से अच्छा महसूस होता है।
- कई बार शरीर में कुछ कमियों के कारण भी मीठे की क्रेविंग हो सकती है।
पीरियड्स में शुगर क्रेविंग कंट्रोल करने के लिए आजमाएं ये उपाय- Tips To Control Sugar Cravings During Periods In Hindi
- फाइबर और प्रोटीन से भरपूर आहार लें। इससे पेट को भरा रखने में मदद मिलेगी।
- घर में मिठाई, मीठे फूड्स, चॉकलेट आदि रखने से बचें। इससे क्रेविंग होने पर आपको इनके सेवन से बचने में मदद मिलेगी।
- जंक, प्रोसेस्ड, तला-भुना और बहुत नमकीन खाने से बचें, इससे आपकी क्रेविंग बढ़ेगी।
- हार्मोन्स को संतुलित रखने के लिए दूध और इससे बने उत्पाद जैसे दही, छाछ आदि का सेवन करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
