Social Media: फेक न्यूज शेयर करने के पीछे सोशल मीडिया की थकान बड़ी वजह, रिसर्च में हुआ खुलासा

Social Media: सोशल मीडिया थकान के इस प्रभाव का एक और स्पष्टीकरण यह है कि कैसे सोशल मीडिया एल्गोरिदम विवादास्पद सनसनीखेज और भावनात्मक रूप से आरोपित सामग्री को प्राथमिकता देते हुए कार्य करते हैं।

Social Media: एक शोध (Research) से यह बात सामने आई है कि जो लोग सोशल मीडिया (Social Media) से थक गए हैं या उत्साहित हैं वह गलत सूचनाओं पर विश्वास करते हुए उन्हें ऑनलाइन साझा करते हैं। गलत सूचना के उदाहरण के रूप में कोविड-19 फर्जी खबरों (Covid-19 Fake News) का उपयोग करते हुए अध्ययन में पाया गया कि सोशल मीडिया की थकान (Social Media Fatigue) का अनुभव करने वाले आत्ममुग्ध व्यक्ति गलत सूचना साझा करने की अधिक संभावना रखते हैं। साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका, मलेशिया, चीन, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस के प्रतिभागियों के 8,000 से अधिक सर्वेक्षण प्रतिक्रियाओं पर आधारित है।

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Social Media: फेक न्यूज शेयर करने के पीछे सोशल मीडिया की थकान बड़ी वजह।

नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर (एनटीयू सिंगापुर) के शोधकर्ताओं ने कहा, लाखों उपयोगकर्ता समाचार और मनोरंजन के स्रोत और संचार के साधन के रूप में सोशल मीडिया पर भरोसा करते हैं, इसलिए सोशल मीडिया की थकान और इसके परिणामों को संबोधित करना जरूरी है। एनटीयू के वी किम वी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन में सहायक प्रोफेसर, प्रमुख लेखक सैफुद्दीन अहमद ने कहा कि सोशल मीडिया की थकान सूचना का अधिभार पैदा करती है जो सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के संज्ञानात्मक निर्णय को बाधित करती है।

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