Diabetes Symptoms and Signs: डायबिटीज को 'मीठी बीमारी' कहना गलत नहीं है; क्योंकि यह बीमारी शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण होती है। पैरों में झुनझुनी, बार-बार पेशाब आना, ज्यादा भूख लगना, घाव का न भरना जैसे डायबिटीज के लक्षणों से हम सभी वाकिफ हैं। लेकिन कुछ ऐसे लक्षण या संकेत होते हैं जिनका पता सिर्फ डॉक्टर ही लगा सकता है।
Diabetes and High Blood Sugar: डायबिटीज के मुख्य कारण क्या होते है?
हम में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे लेकिन मधुमेह (डायबिटीज मेलिटस) दो प्रकार के होते हैं - टाइप 1 मधुमेह और टाइप 2 मधुमेह । इसमें दूसरा प्रकार धीरे-धीरे विकसित होता है और समस्याओं का कारण बनता है जिसे आम आदमी अन्य समस्याओं के रूप में अनदेखा कर देता है। लोगों को लगता है कि यह एक अलग बीमारी है लेकिन यह एक भयानक मधुमेह है और अगर इसे समय पर न पहचाना जाए तो यह और भी गंभीर हो जाती है।
मूड स्विंग होना
तनाव या काम का अधिक बोझ व्यवहार में बदलाव ला सकता है। लेकिन अनियंत्रित टाइप 2 डायबिटीज के कारण भी ऐसा हो सकता है। क्योंकि इस बीमारी में ब्लड शुगर सामान्य स्तर से कई गुना ऊपर नीचे होता रहता है और इससे मूड स्विंग भी होता है।
बदबूदार सांस
जब शरीर ऊर्जा (हाई इंसुलिन) के लिए सभी इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है, तो यह ऊर्जा के लिए वसा कोशिकाओं को तोड़ देता है। इस दौरान कीटोन्स नामक अम्ल उत्पन्न होते हैं, जो रक्त में बढ़ जाते हैं और सांसों की दुर्गंध का कारण बनते हैं। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो यह डायबिटीज का संकेत है।
त्वचा का काला पड़ना
गर्दन की त्वचा का काला पड़ना मधुमेह का संकेत हो सकता है। इसे आप आसानी से देख सकते हैं। तब आप सोच सकते हैं कि यह सामान्य है। नहाने या स्क्रब करने से यह कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसी लापरवाही खतरनाक हो सकती है। धीरे-धीरे गर्दन की यह त्वचा मोटी होने लगती है। एनसीबीआई के मुताबिक, इस समस्या को एकैन्थोसिस निगरिकन्स कहा जाता है, जो डायबिटीज से जुड़ी होती है।
चक्कर आना
थकान, लगातार भूख और लो ब्लड शुगर के कारण चक्कर आ सकते हैं। लेकिन कई बार यह समस्या हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण भी हो सकती है। क्योंकि बार-बार पेशाब आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और पानी की कमी दिमाग की क्षमता को कमजोर कर देती है जिससे चक्कर आने लगते हैं।
अचानक वजन कम होना
बिना कुछ किए वजन कम होना चिंता का विषय है। क्योंकि जब इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं हो रहा होता है तो शरीर एनर्जी के लिए फैट सेल्स को तोड़ता है। जिससे वजन अचानक से कम होने लगता है। ऐसा होने पर समय रहते डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह लें।
