Peeing In The Shower Side Effects In Hindi: हममें से बहुत से लोग नहाते वक्त पेशाब कर लेते हैं और इसे बिल्कुल सामान्य बात समझते हैं। कई लोग तो इसे एक स्मार्ट ट्रिक मानते हैं, सोचते हैं चलो समय और पानी दोनों बच गए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये छोटी-सी आदत आपकी सेहत के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है? अमेरिका की डॉक्टर टेरेसा इरविन ने इस पर साफ-साफ चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि शॉवर के दौरान पेशाब करना हमारे दिमाग, ब्लैडर और यूरिनरी सिस्टम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि ये आदत आखिर क्यों सेहत के लिए हानिकारक है।
Peeing In The Shower Side Effects In Hindi
दिमाग को गलत सिग्नल देने लगती है ये आदत
जब आप नहाते समय पेशाब करते हैं, तो धीरे-धीरे आपका दिमाग ये सीख लेता है कि पानी की आवाज सुनते ही पेशाब करना है। इससे आगे चलकर जब भी आप नल खोलेंगे या पानी की कोई भी आवाज सुनेंगे, आपको तुरंत टॉयलेट जाने का मन करने लगेगा, यहां तक कि जब जरूरत न हो तब भी। ये एक तरह का कंडीशनिंग रिफ्लेक्स होता है, जो आदत बनकर कंट्रोल से बाहर जा सकता है।
ब्लैडर की कंट्रोल क्षमता हो सकती है कमजोर
बार-बार इस तरह पेशाब करने से आपके ब्लैडर की कंट्रोलिंग पावर यानी नियंत्रण की क्षमता पर असर पड़ता है। खासकर महिलाओं के मामले में ये गंभीर रूप ले सकता है, जिसमें बिना इच्छा के भी पेशाब टपकने लगता है। इसे मेडिकल भाषा में अर्ज इन्कोंटिनेंस (Urge Incontinence) कहा जाता है।
महिलाओं के लिए खतरना ये आदत
डॉ. टेरेसा बताती हैं कि महिलाओं का शरीर शॉवर में खड़े होकर पेशाब करने के लिए बना ही नहीं है। इस पॉश्चर में यूरिन पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इससे UTI (यूटीआई) यानी मूत्र मार्ग में संक्रमण हो सकता है।
यूरिन पास करने की रफ्तार बिगड़ सकती है
जब आप बिना जरूरत बार-बार पेशाब करने लगते हैं, तो इसका असर यूरिनरी सिस्टम की सेंसिटिविटी पर होता है। मतलब, थोड़ी-सी यूरिन बनने पर भी आपको टॉयलेट की ज़रूरत महसूस होने लगती है- दिन हो या रात। इससे नींद खराब हो सकती है और बार-बार टॉयलेट जाना आपकी लाइफस्टाइल पर असर डाल सकता है।
एक बार आदत पड़ गई तो छूटना मुश्किल
शुरू में तो ये आदत मामूली लगती है, लेकिन जब ये लंबे समय तक चलती है तो इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। आपका दिमाग एक पैटर्न पकड़ लेता है और फिर उसे बदलना इतना आसान नहीं रहता। इसलिए अगर आप अभी भी ऐसा करते हैं, तो बेहतर है कि इसे आज ही बंद कर दें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
