What is Parkinson Disease In Hindi : पार्किंसंस रोग तंत्रिका तंत्र से संबंधित एक गंभीर रोग है, जो समय के साथ गंभीर होता जाता है। तंत्रिका तंत्र तंत्रिका यानी नर्वस सिस्टम कोशिकाओं का एक नेटवर्क है जो हमारे पूरे शरीर को नियंत्रित करता है। पार्किंसन से पीड़ित लोगों के हाथ-पैरों में कंपन महसूस होता है। जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलता जाता है। आमतौर पर पार्किंसन को दिमाग से जुड़ा एक डिसऑर्डर माना जाता था, लेकिन हाल ही में आई एक रिसर्च की रिपोर्ट ने हमारी इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। शोध के आंकड़ों के अनुसार, पार्किंसन केवल दिमाग ही नहीं बल्कि आपकी आंतों से भी शुरू हो सकता है। ये न केवल एक ब्रेन डिसऑर्डर है, बल्कि ये बॉडी-टू-ब्रेन कंडीशन है, जो धीरे-धीरे गंभीर होता जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या है नया शोध?
नेचर डॉट कॉम पर प्रकाशित एक नई हेल्थ स्टडी के मुताबिक पार्किंसन केवल दिमाग का रोग नहीं, बल्कि आंतों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में पार्किंसन की समस्या होती है, उनमें सबसे पहले आंतों में सूजन, संक्रमण और बैक्टीरिया का खतरा देखा जाता है। जिससे पता चलता है कि पार्किंसन के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों की शुरुआत पेट से होती है। पार्किंसन रोग के निदान में इस शोध को काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि यदि इस बीमारी पहचान शुरुआत में ही हो जाए तो इसका इलाज करना संभव हो सकता है। इस रिसर्च के आंकड़े आने के बाद शोधकर्ता दिमाग और आंतों के बीच इस रिश्ते पर गहनता से काम कर रहे हैं।
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इलाज से जरूरी है रोकथाम
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस गंभीर बीमारी का इलाज अभी संभव नहीं है। लेकिन इस शोध के बाद इस बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही रोक पाना संभव हो सकता है। पेट की मॉनिटरिंग और माइक्रोबायोम टेस्टिंग के द्वारा आप पार्किंसन जैसे रोग को बढ़ने से रोक सकते हैं। हालांकि पार्किंसन रोग के इलाज और रोकथाम के लिए मेडिकल सिस्टम को एक नए सिरे से शुरुआत करने की जरूरत होगी।
