Osteoarthritis in Young Adults: पहले आर्थराइटिस को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह समस्या युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। 20-40 साल के आयु वर्ग के लोग भी जोड़ों के दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायत कर रहे हैं। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके पीछे बड़ी वजह बन रही है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। यदि आप जोड़ों में दर्द की किसी तरह की समस्या से परेशान हैं, तो आपको इसके पीछे के कारण और इलाज के बारे में जानना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
युवाओं में अर्थराइटिस का खतरा
क्या है ऑस्टियोअर्थराइटिस?
ऑस्टियोअर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों की कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। इस रोग में हमारी हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं और दर्द, सूजन और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। आमतौर पर पहले यह समस्या 50 साल से ज्यादा की उम्र में देखी जाती थी, लेकिन अब 20-40 साल के युवाओं में भी इसके केस बढ़ रहे हैं।
कम उम्र में ऑस्टियोअर्थराइटिस के मुख्य कारण
- अर्थराइटिस का सबसे बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है। जिसमें लंबे समय तक बैठकर काम करना, कम फिजिकल एक्टिविटी और स्क्रीन टाइम बढ़ना, जोड़ों को कमजोर बना देता है।
- मोटापा अर्थराइटिस का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। अधिक वजन होने से घुटनों और कूल्हों पर दबाव बढ़ता है, जिससे हमारे कार्टिलेज जल्दी घिसने लगते हैं।
- युवा अवस्था में जोश-जोश में गलत एक्सरसाइज करना भी आपको अर्थराइटिस का शिकार बना सकता है। बिना सही गाइडेंस के भारी वर्कआउट या ओवर-ट्रेनिंग भी जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
- इसके अलावा जेनेटिक कारण भी अर्थराइटिस की समस्या की वजह हो सकते हैं। अगर परिवार में किसी को यह समस्या है, तो इसका खतरा आपके लिए बढ़ जाता है।
- लंबे समय तक अनहेल्दी डाइट लेना भी अर्थराइटिस का कारण बन सकता है। जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और पोषक तत्वों की कमी भी हड्डियों और जोड़ों को कमजोर करती है।
ऑस्टियोअर्थराइटिस का इलाज और बचाव
इससे बचाव के लिए नियमित एक्सरसाइज करें, हल्की एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेचिंग से जोड़ों की मूवमेंट बेहतर रहती है। इसके अलावा हेल्दी डाइट लें जैसे- कैल्शियम, विटामिन D और ओमेगा-3 से भरपूर भोजन लें। दूध, हरी सब्जियां और नट्स फायदेमंद होते हैं। वजन कंट्रोल में रखना भी आपको अर्थराइटिस के प्रभाव से बचाता है।
