Acidity Remedies During Fasting : नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाला व्रत आस्था और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा होता है। इस दौरान लोग पूरे नौ दिनों तक फलाहार और सात्विक भोजन करते हैं। हालांकि उपवास के दौरान कुछ कमियों और खानपान में बदलाव के कारण कुछ लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं, जिनमें एसिडिटी होना सबसे आम है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से पेट में जलन, भारीपन, खट्टी डकार आना या खट्टा स्वाद महसूस होना, ये सब एसिडिटी के लक्षण हैं। आज हम आपको बताएंगे कि यदि व्रत के दौरान एसिडिटी हो जाए तो इससे कैसे बचाव किया जा सकता है?
खानपान की सावधानी
व्रत के दौरान कुछ लोग खाते समय अक्सर तली-भुनी चीजों का सेवन करते हैं, जिसमें पकोड़े, आलू टिक्की, और कुट्टू की चीजें शामिल हैं। ये सभी चीजें आपके लिए एसिडिटी का कारण बन सकती हैं। इसकी जगह आप सीजनल फल, दही-छाछ, मखाना, और नारियल पानी का सेवन करें। इसके अलावा आप आप आलू को तलने की बजाए उबालकर खाएं इसमें आप उबला हुआ शकरकंद भी मिक्स कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें - उपवास में क्यों महसूस होती है थकान-कमजोरी? कैसे रहें एनर्जेटिक और एक्टिव, अपनाएं ये आसान हेल्दी टिप्स
व्रत में एसिडिटी से बचाव के घरेलू उपाय - Acidity Remedies During Fasting
- यदि आपको एसिडिटी की समस्या फील हो रही है, तो आपको 1 गिलास गुनगुना पानी पी लेना चाहिए।
- हल्की ठंडी छाछ में जीरा और काला नमक मिक्स करके पीना भी आपको एसिडिटी से बचा सकता है।
- व्रत में केला और तरबूज जैसे फलों का सेवन करना आपको एसिडिटी से बचाए रखेगा।
एक बार में ज्यादा न खाएं
व्रत में कुछ लोग देर तक भूखा रहने के बाद एक बार में ज्यादा खा लेते हैं, ऐसा करना ठीक नहीं है। इससे आपके पेट में एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसकी जगह आपको दिन में हल्का-हल्का 3-4 बार फलाहार करना चाहिए। इससे पाचन पर एक साथ दबाव नहीं पड़ता और सेहत फिट रहती है।
