मन की शांति चाहिए तो रोजाना करें नाड़ी शोधन प्राणायाम, तनाव भी होगा दूर, जानें सही तरीका

इस प्राणायाम से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा कम बना रहता है। इससे सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी छोटी-मोटी बीमारियां जल्दी ठीक हो जाती हैं। शरीर के अंदर ताकत होने से हम ज्यादा समय तक स्वस्थ रह पाते हैं।

Nadi Shodhan Pranayam: आज के समय में तनाव, थकान और कई तरह की बीमारियां आम हो गई हैं। ऐसे में योग और प्राणायाम का अभ्यास हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। नाड़ी शोधन प्राणायाम एक ऐसा सरल और असरदार तरीका है जो हमारे शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। यह प्राणायाम सांस लेने की एक खास विधि है, जिसमें हम नाक के दोनों नथुनों से बारी-बारी सांस लेते हैं। इसे 'अनुलोम-विलोम' भी कहते हैं। यह प्राणायाम हमारे शरीर के अंदर की ऊर्जा को बढ़ाता है और हम तनाव मुक्त महसूस करते हैं। इसका नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मन को भी शांति देता है।

Nadi Shodhan Pranayam

नारी शोधन प्राणायाम के फायदे और तरीका (Photo: Himalayan Yoga Association)

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, नाड़ी शोधन प्राणायाम के अनेक फायदे हैं। यह मानसिक शांति और तनाव को कम करता है। जब हम नाड़ी शोधन प्राणायाम करते हैं, तो हमारे दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे दिमाग शांत होता है और तनाव कम होता है। साथ ही यह याददाश्त और ध्यान लगाने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

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