Mulethi kadha ke fayde: औषधीय गुणों से भरी हुई मुलेठी स्वाद में मीठी होती है इसमें भरपुर मात्रा में कैल्शियम, एंटी ऑक्सीडेंट, प्रोटीन और वसा होती है। यह शरीर पर एंटीबायोटिक का काम करती है। सर्दियों में ठंड लगने पर , जुकाम होने पर या गला खराब होने पर मुलेठी खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल मुलेठी एक झाड़ीनुमा पौधा होता है।यह पौधे के तने को छाल सहित सुखाकर प्रयोग किया जाता है।यह दांतों, मसूड़ों और गले के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है।
सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए और ठंड से बचने के लिए मुलेठी का काढ़ा बहुत फायदा करता है।अगर आप इसे हर रोज पीते हैं तो यह आपको ठंड से बचा कर रखेगा और शरीर को डिटॉक्स भी करेगा।आइए जानते है मुलेठी का काढ़ा कैसे बनाएं:
सामग्री:
- एक टुकड़ा मुलेठी
- हल्दी
- अदरक
- 2 काली मिर्च
- 4 तुलसी के पत्ते
- 2 गिलास पानी
- दालचीनी
- शहद
- दो गिलास पानी में 2 काली मिर्च और दालचीनी कूट कर डाल दें।
- पानी गर्म होने के बाद मुलेठी का टुकड़ा डाल दें।
- इसी के साथ तुलसी और अदरक को कद्दूकस कर उबलते पानी में डालें।
- धीमी आंच पर काढ़े को उबाल दें,अब पानी आधा रहने पर इसमें एक चौथाई हल्दी पाउडर डाल दें।
- अच्छे से उबाल आने के बाद गैस से उतार दें।
- एक कप में छानकर ,एक चम्मच शहद मिला दें।
- गर्मा गर्म पिए।
- काढ़े को सुबह बनाकर पीने के फायदे ज्यादा हैं।
- सर्दियों में यह इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है शरीर में ऊर्जा और फुर्ती आती है।
- मुलेठी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं। आर्थराइटिस के मरीजों के लिए यह काढ़ा गुणकारी होता है इससे दर्द और सूजन में आराम मिलता है।
- गले में खराश, कफ होने पर यह आराम देता है।
- मुलेठी को पीस कर पाउडर बना लें और इसे शहद के साथ हर रोज लेने से बुखार, सर्दी ,दर्द और कफ में आराम मिलता है।
(Disclaimer: इस लेख में उल्लेखित सुझाव केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।)
