Healthy Eating Tips For Working Professionals: सुबह ऑफिस पहुंचते ही मीटिंग शुरू हो गई। नाश्ता करने का समय नहीं मिला तो चाय के साथ दो बिस्किट खा लिए। लंच का समय किसी जरूरी कॉल में निकल गया और खाना तीन या चार बजे हुआ। रात तक तेज भूख लगी तो जो आसानी से मिला, वही खा लिया। आजकल बहुत से कामकाजी लोगों की डाइट कुछ ऐसी ही हो गई है।
ऑफिस में खाने का समय कैसे मैनेज करें, कैसे लंबे समय तक ना खाना करता है सेहत खराब
व्यस्त दिन में कभी-कभार भोजन देर से होना सामान्य है। लेकिन हर दिन खाने के बीच लंबा अंतर रखना, बार-बार स्नैक्स लेना और रात में भारी भोजन करना सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण थकान, चिड़चिड़ापन, एसिडिटी और जरूरत से ज्यादा खाने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
गुरुग्राम के पारस हेल्थ अस्पताल की चीफ डायटीशियन नीलिमा बिष्ट के अनुसार, स्वस्थ रहने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि आप क्या खा रहे हैं। आप किस समय और किस तरह खा रहे हैं, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ऑफिस में खाने के बीच लंबा गैप क्यों हो रहा है
ऑफिस का काम अब तय घंटों तक सीमित नहीं रहा। बैक-टू-बैक मीटिंग, अचानक मिलने वाली डेडलाइन और लगातार आने वाली कॉल के कारण लंच सबसे पहले टलता है। कई लोग सुबह हल्का या बिना नाश्ता किए निकलते हैं। इसके बाद चाय, कॉफी, बिस्किट और नमकीन के सहारे दोपहर तक काम करते रहते हैं।
समस्या तब बढ़ती है जब यह अस्थायी व्यवस्था रोज की आदत बन जाती है। शरीर को समय पर पर्याप्त पोषण नहीं मिलता और भूख बहुत बढ़ने पर व्यक्ति अपने खाने की मात्रा और गुणवत्ता पर नियंत्रण नहीं रख पाता।
लंबे समय तक भूखे रहने से क्या होता है
खाना छोड़ने का अर्थ हमेशा कम कैलोरी लेना नहीं होता। लंबे गैप के बाद अक्सर व्यक्ति ज्यादा मात्रा में खाना खा लेता है। इस दौरान मीठा, तला हुआ या अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन चुनने की इच्छा भी बढ़ सकती है।
अनियमित भोजन के कारण दिनभर ऊर्जा का स्तर एक जैसा नहीं रहता। काम में ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। सिरदर्द, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और एसिडिटी महसूस हो सकती है। यदि रात का खाना बहुत भारी हो जाए तो पाचन और नींद भी प्रभावित हो सकते हैं।
लंबे समय तक ऐसी दिनचर्या बने रहने पर वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि किसी एक भोजन के देर से होने से बीमारी नहीं होती। असली चिंता लगातार बनी रहने वाली अनियमितता है।
मीटिंग के बीच भूख लगे तो क्या खाएं
ऑफिस की भूख को केवल चाय, बिस्किट या पैकेट वाले स्नैक्स से शांत करने के बजाय कुछ आसान विकल्प अपने पास रखे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए-
- बिना नमक या कम नमक वाले बादाम और अखरोट
- भुना चना या मखाना
- कोई मौसमी फल
- दही या छाछ
- घर का बना हल्का सैंडविच
- स्प्राउट्स या पनीर वाला छोटा स्नैक
ऐसे विकल्प पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं। इससे लंच या डिनर के समय जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका भी कम होती है। मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि हेल्दी स्नैक्स को भी लगातार खाते रहना सही नहीं है।
ऑफिस में खाने का समय कैसे मैनेज करें
जिस तरह मीटिंग के लिए कैलेंडर में समय तय किया जाता है, उसी तरह लंच के लिए भी 20 से 30 मिनट का स्लॉट रखें। हर दिन ठीक एक ही मिनट पर खाना संभव नहीं है, लेकिन भोजन का एक सामान्य समय तय किया जा सकता है।
यदि किसी दिन लंच देर से होने वाला है तो पहले से छोटा संतुलित स्नैक ले लें। सुबह घर से निकलते समय नाश्ता जरूर करें। नाश्ते में पोहा, उपमा, बेसन चीला, मूंग दाल चीला, पनीर सैंडविच या दही के साथ पराठा जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं। इससे दिन की शुरुआत केवल चाय और बिस्किट पर निर्भर नहीं रहेगी।
पानी की कमी को भूख न समझें
लगातार मीटिंग में बैठे रहने वाले लोग कई बार पानी पीना भूल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी से थकान, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है। डेस्क पर पानी की बोतल रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
मीटिंग के दौरान बार-बार मीठी चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक या एनर्जी ड्रिंक लेने से बचें। लंबे समय तक बैठने के साथ इन ड्रिंक्स से मिलने वाली अतिरिक्त शुगर वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर असर डाल सकती है।
बाहर खाना पड़े तो हेल्दी चुनाव कैसे करें
हर दिन घर का खाना ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में बाहर से खाना मंगाते समय तले हुए भोजन के बजाय दाल, सब्जी, रोटी, चावल, सलाद, इडली, पनीर या ग्रिल्ड विकल्प चुने जा सकते हैं। बड़ी थाली लेने के बजाय उतनी ही मात्रा मंगाएं, जितनी भूख हो।
क्लाइंट मीटिंग या ऑफिस पार्टी में भी हर चीज से दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। पहले सलाद या हल्का भोजन लें और मिठाई की मात्रा छोटी रखें। लक्ष्य परफेक्ट डाइट नहीं, बल्कि बेहतर और टिकाऊ चुनाव करना होना चाहिए।
कामकाजी महिलाओं के लिए प्लानिंग क्यों जरूरी है
ऑफिस के साथ घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाएं कई बार अपना भोजन सबसे आखिर में रखती हैं। सुबह नाश्ता छूटना और रात में देर से खाना उनके लिए सामान्य बन सकता है। ऐसे में सप्ताह में थोड़ा समय निकालकर स्नैक्स और लंच की तैयारी करना मददगार हो सकता है।
