Malaria Causes And Prevention : बारिश के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारी का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। तमाम सरकारी प्रयासों और दवाओं के इस्तेमाल के बाद भी मलेरिया भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में गंभीर समस्या बनी हुई है। भारत सहित दुनिया भर में हर साल लाखों लोग मलेरिया से संक्रमित होते है, और यदि समय से सही इलाज न मिल पाए तो ये रोग जानलेवा तक हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे मलेरिया अभी तक जानलेवा है? आइए जानते हैं मलेरिया संक्रमण से बचाव के उपाय...
कैसे फैलता है मलेरिया? - How Malaria Spread In Hindi
मलेरिया एक परजीवी के द्वारा फैलने वाला संक्रमण है, जो प्लाज्मोडियम नामक परजीवी से होता है। यह परजीवी मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। जब यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटकर सामान्य व्यक्ति को काटते हैं, तो इस तरह संक्रमण एक-दूसरे में फैलता है। आम तौर पर भारत में दो तरह के मलेरिया के संक्रमण देखने को मिलते हैं।
- Plasmodium vivax - ये मलेरिया का हल्का संक्रमण है, लेकिन ये बार-बार बुखार का कारण बनता है।
- Plasmodium falciparum - ये मलेरिया का खतरनाक संक्रमण है, जो आपके लिए जानलेवा तक हो सकता है।
मलेरिया आज भी जानलेवा क्यों है?
- लगातार कीटनाशकों के इस्तेमाल से मच्छरों का व्यवहार बदल रहा है। कई मच्छर अब दवाओं और स्प्रे से प्रतिरोधक (Resistant) हो गए हैं।
- साफ-सफाई की कमी भारत जैसे विकासशील देशों में संक्रमण का बड़ा कारण है। गंदे पानी का जमाव, खुले नालों और जलभराव वाले इलाकों में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है।
- लोगों की लापरवाही मलेरिया जैसे संक्रमण को भी जानलेवा बना देती है। जी हां शुरुआती बुखार को सामान्य समझकर इलाज में देरी न करें।
- गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी मलेरिया जैसे संक्रमण को और खतरनाक बना देती है। कई बार समय पर जांच न होना और दवा उपलब्ध न होना भी मलेरिया से मौत का कारण बनता है।
मलेरिया कब बन जाता है जानलेवा?
मलेरिया से संक्रमित होने के लक्षण शुरुआत में सामान्य बुखार की तरह ही दिखाई देते हैं। जिन्हें नजरअंदाज करना धीरे-धीरे आपकी कंडीशन को खराब कर देता है, और ये संक्रमण आपके लिए जानलेवा तक साबित हो जाता है। मलेरिया होने पर तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, मानसिक भ्रम होना, बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। जिसका इलाज समय से न करने पर किडनी फेलियर, सांस लेने में दिक्कत, यूरिन में खून आना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।
मलेरिया से बचाव के आसान उपाय
- खासकर रात में सोते समय मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें।
- घर के आसपास, कूलर, गमलों और खाली पड़े बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- मच्छरों का प्रकोप बढ़ने पर घर से बाहर जाते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें। इससे मच्छरों से सीधा संपर्क कम होगा।
- घर और आसपास के इलाकों में मच्छरों की पैदावार को रोकने के लिए फॉगिंग जरूर करवाएं।
- यदि आपको इस समय बुखार तीन दिन या उससे ज्यादा है तो अपनी हेल्थ जांच जरूर करवाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। स्वास्थ्य संबंधी विषय में किसी भी सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर का राय जरूर लें।
