Magnesium Rich Foods: अच्छी नींद लेने के बाद भी कई बच्चे सुस्त नजर आते हैं। ज्यादातर पेरेंट्स सोचते हैं कि बच्चे के ढंग से नींद ना लेने की वजह से ऐसा होता है लेकिन, ये बात पूरी तरह से सच नहीं है। अगर आपक बच्चा भी थकान से परेशान हो तो हो सकता है कि शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो। मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है जो बच्चों के शरीर को ऊर्जा देने, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने और दिमाग को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। अगर बच्चे की डाइट में इसकी कमी हो जाए तो वह जल्दी थक सकता है और सुस्ती महसूस कर सकता है।
शरीर में मैग्नीशियम की कमी (फोटो: canva)
बच्चों के लिए मैग्नीशियम क्यों जरूरी है
शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम मैग्नीशियम ही करता है। यही वजह है कि यह बच्चों को दिनभर एक्टिव रहने में मदद करता है। इसके अलावा यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, मांसपेशियों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है, दिमाग और नसों को स्वस्थ रखता है, अच्छी नींद लेने में मदद कर सकता है।
बच्चों को कौन-कौन से मैग्नीशियम वाले फूड खिलाएं
1- पालक: बच्चों को पालक के पराठे, चीला या सूप में मिलाकर दिया जा सकता है। पालक मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत है।
2- बादाम: मैग्नीशियम के साथ हेल्दी फैट और प्रोटीन के लिए रोज 5-6 भीगे हुए बादाम बच्चों के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
3-केला: केला शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है इसमें मैग्नीशियम के साथ पोटैशियम भी होता है।
4- कद्दू के बीज: इन छोटे-छोटे बीजों में भरपूर मैग्नीशियम होता है। इन्हें सलाद, दही या स्मूदी के साथ खाया जा सकता है।
5- दही: मैग्नीशियम के साथ प्रोबायोटिक्स के लिए बच्चो को दही दे सकते हैं। दही पेट के लिए भी अच्छा होता है
6- डार्क चॉकलेट: अगर आपका बच्चा चॉकलेट का शौकीन है तो उसे डार्क चॉकलेट दी जा सकती है। इसमें भी मैग्नीशियम पाया जाता है। हालांकि इसे सीमित मात्रा में ही दें।
7- एवोकाडो: हेल्दी फैट और मैग्नीशियम के लिए वोकाडो भी बच्चों की डाइट में शामिल किया जा सकता है।
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मैग्नीशियम का फायदा ज्यादा कैसे मिलेगा
- बच्चों को रोज कुछ समय धूप में खेलने दें ताकि उन्हें विटामिन D मिल सके।
- जंक फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड कम दें।
- दिनभर पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें।
- घर का बना संतुलित और पौष्टिक खाना खिलाएं।
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कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
अगर बच्चा लंबे समय से बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस कर रहा है। किसी काम में बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा है। बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन होती है तो सिर्फ डाइट बदलने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। थकान के पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
