गहरी नींद की कमी से हो सकता है स्ट्रोक, बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

  • Edited by: Ritu raj
  • Updated May 22, 2023, 02:13 PM IST

मेयो क्लीनिक के शोधकर्ताओं ने पाया कि स्लो-वेव स्लीप के प्रतिशत में हर 10 प्वाइंट की कमी पर व्हाइट मैटर हाइपरइंटेंसिटी की मात्रा बढ़ती है जो मस्तिष्क के स्कैन में छोटे घावों के रूप में दिखाई देने वाला एक बायोमार्कर है और 2.3 साल उम्र बढ़ने के समान है।

जिन लोगों को स्लीप एपनिया है और गहरी नींद की कमी होती है उनमें ब्रेन बायोमार्कर होने की आशंका अधिक होती है, जो स्ट्रोक और अल्जाइमर रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है। हालाँकि, अध्ययन में यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि नींद में कमी के कारण मस्तिष्क में ये परिवर्तन होते हैं या मस्तिष्क में परिवर्तन के कारण नींद की कमी होती है। यह बस दोनों के बीच संबंध दिखाता है।

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गहरी नींद की कमी से हो सकता है स्ट्रोक (Source:istock)

मेयो क्लीनिक के शोधकर्ताओं ने पाया कि स्लो-वेव स्लीप के प्रतिशत में हर 10 प्वाइंट की कमी पर व्हाइट मैटर हाइपरइंटेंसिटी की मात्रा बढ़ती है जो मस्तिष्क के स्कैन में छोटे घावों के रूप में दिखाई देने वाला एक बायोमार्कर है और 2.3 साल उम्र बढ़ने के समान है। कम अक्षीय अखंडता से भी वही कमी जुड़ी थी, जो तंत्रिका कोशिकाओं को जोड़ने वाले तंत्रिका तंतुओं का निर्माण करती है, जो तीन साल उम्रदराज होने के प्रभाव के समान है।

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